बिजनौर में अब तक तीन महिलाओं समेत सात आरोपी गिरफ्तार; आसपा नेता, कथित पत्रकार समेत चार वांछितों की तलाश, गिरोह से जुड़े एक अधिवक्ता की भूमिका भी जांच के घेरे में

दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह पर शिकंजा, पीएसी का सिपाही और प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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बिजनौर। लोगों को दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के फर्जी मामलों में फंसाकर कथित तौर पर वसूली करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। मामले में पुलिस ने पीएसी के एक सिपाही और प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे लोगों के खिलाफ झूठे दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह से जुड़े थे। इस मामले में अब तक तीन महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद में तैनात सिपाही मोहम्मद आसिफ, निवासी औरंगपुर भिक्कू उर्फ नारायणपुर, बिजनौर और झालू निवासी प्रॉपर्टी डीलर दिलशाद के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आजाद समाज पार्टी की एक नेता और एक कथित पत्रकार समेत चार वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरोह के लिए काम करने वाले एक अधिवक्ता की भूमिका भी पुलिस की जांच के दायरे में है।

मामले का खुलासा 6 सितंबर को हुआ था, जब जल निगम के अवर अभियंता मोहम्मद अहसान ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि वह महिला और उसके साथ नामजद किए गए अन्य लोगों को जानते तक नहीं हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कथित गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई।

जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के कथित सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुंती और प्रीति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब मोहम्मद आसिफ और दिलशाद की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जेल भेजे गए आरोपियों की संख्या सात हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, सिपाही मोहम्मद आसिफ का गिरोह से जुड़ना पारिवारिक विवाद के बाद शुरू हुआ। वर्ष 2019 में उसकी शादी भागूवाला निवासी शाहिस्ता से हुई थी। बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और शाहिस्ता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में आसिफ के भाई को जेल जाना पड़ा था।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

इसी दौरान आसिफ की कथित तौर पर बब्बू लंगड़ा और नौशाद से मुलाकात हुई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने उसके भाई की जमानत कराने में मदद की थी। इसके बाद आसिफ का संपर्क कथित गिरोह से बढ़ता गया। पत्नी की ओर से भरण-पोषण का वाद दायर किए जाने के बाद पारिवारिक रंजिश और बढ़ गई।

पुलिस का आरोप है कि इसी रंजिश में आसिफ ने गिरोह की मदद ली और अपने साले के खिलाफ मंडावली थाने में कथित तौर पर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके अलावा उसने अपने ससुराल पक्ष से जुड़े मोहम्मद अहसान के खिलाफ भी कथित तौर पर दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने में भूमिका निभाई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कितने लोगों को इसी तरीके से झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर चुका है। जांच में आरोपियों के बीच संपर्क, फर्जी शिकायतों की तैयारी, कथित वसूली और अन्य सहयोगियों की भूमिका के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरोह के काम करने के तरीके और उससे जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।

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