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तमिलनाडु में 71 वर्षीय महिला के Aadhaar-PAN का दुरुपयोग, ₹2.53 करोड़ के GST घोटाले में फंसी

Roopa
By Roopa
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चेन्नई। तमिलनाडु के उथंगरई की 71 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि अज्ञात लोगों ने उनके Aadhaar और PAN विवरण का दुरुपयोग कर उनके नाम पर फर्जी GST पंजीकरण कराया और कारोबार संचालित किया। इस कथित धोखाधड़ी के चलते उनके नाम पर ₹2.53 करोड़ की कर देनदारी सामने आई और Commercial Taxes Department की कार्रवाई के बाद उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। महिला की पहचान Lakshmi के रूप में हुई है। उन्होंने Krishnagiri जिले के Superintendent of Police कार्यालय में शिकायत देकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Indira Nagar निवासी Lakshmi ने बताया कि वह हाल में अपने बैंक खाते से पैसे निकालने पहुंचीं थीं। वहां बैंक प्रबंधक ने उन्हें बताया कि खाते से लेनदेन रोक दिया गया है। जानकारी लेने पर पता चला कि Commercial Taxes Department के आदेश के बाद उनका खाता फ्रीज किया गया है।

विभागीय सूचना के अनुसार, Lakshmi के नाम पर पंजीकृत एक निजी कंपनी पर वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ₹2,53,23,676 की GST देनदारी बकाया है।

कंपनी से किसी संबंध से महिला का इनकार

Lakshmi ने पुलिस को बताया कि उनका उस कंपनी से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने कभी ऐसी कोई कंपनी संचालित नहीं की। उनका कहना है कि उन्हें कथित कंपनी और उससे जुड़ी कर देनदारी की जानकारी तब मिली, जब बैंक खाता फ्रीज होने के बाद उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई।

शिकायत में Lakshmi ने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने उनके Aadhaar और PAN कार्ड की प्रतियां हासिल कर उनका इस्तेमाल उनके नाम पर फर्जी तरीके से कारोबार पंजीकृत कराने में किया। कथित तौर पर इसी पहचान के आधार पर कारोबार किया गया और बाद में बड़ी GST देनदारी उनके नाम पर दर्ज हो गई।

महिला ने जांच की मांग करते हुए यह पता लगाने का अनुरोध किया है कि उनके पहचान दस्तावेज किसने हासिल किए, उनका इस्तेमाल किसने किया और उनके नाम पर GST पंजीकरण किस प्रक्रिया के तहत कराया गया।

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बेटे का बैंक खाता भी फ्रीज

Lakshmi ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उनके बेटे Ramakrishnan का बैंक खाता भी इसी GST बकाया के संबंध में फ्रीज कर दिया गया। Ramakrishnan दैनिक मजदूरी का काम करते हैं और दूसरे बैंक की शाखा में बचत खाता रखते हैं।

परिवार का कहना है कि Lakshmi और उनके बेटे का कथित कंपनी या उससे जुड़े कारोबार से कोई संबंध नहीं है। दोनों खातों पर कार्रवाई के बाद परिवार ने पुलिस से हस्तक्षेप और मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।

Lakshmi ने अधिकारियों से कथित रूप से पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनके तथा उनके बेटे के बैंक खातों को बहाल कराने की मांग की है।

फर्जी GST पंजीकरण की जांच की मांग

शिकायत में कथित फर्जी GST पंजीकरण और Lakshmi की पहचान का इस्तेमाल कर संचालित किए गए कारोबार की विस्तृत जांच की मांग की गई है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि पंजीकरण किस तरह हासिल किया गया, कथित कंपनी का संचालन कौन कर रहा था और उससे जुड़े बैंक खातों तथा वित्तीय लेनदेन के जरिए वास्तविक आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है या नहीं।

मामला पहचान दस्तावेजों के दुरुपयोग से होने वाले गंभीर वित्तीय नुकसान को भी सामने लाता है। Aadhaar और PAN का इस्तेमाल विभिन्न वित्तीय और कारोबारी प्रक्रियाओं में होता है। इनके कथित गलत इस्तेमाल से वास्तविक दस्तावेज धारक के नाम पर कर देनदारी, बैंक खाता फ्रीज होने और लंबी कानूनी प्रक्रिया जैसी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।

अब जांच का मुख्य फोकस Lakshmi के Aadhaar और PAN की प्रतियां कथित आरोपियों तक पहुंचने, उनके नाम पर GST पंजीकरण कराने और वास्तविक कारोबार संचालकों की पहचान करने पर रहेगा।

इसके साथ ही ₹2.53 करोड़ की GST देनदारी किस कारोबार और लेनदेन से बनी, इसकी भी जांच की जाएगी। संबंधित बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित कारोबार से जुड़ी रकम किन लोगों तक पहुंची।

फिलहाल Lakshmi ने खुद को कथित पहचान दुरुपयोग और GST धोखाधड़ी की पीड़ित बताया है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और दोनों बैंक खातों को बहाल कराने की मांग की है। पुलिस और कर विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि उनके नाम पर कथित फर्जी कारोबार किसने संचालित किया और ₹2.53 करोड़ की देनदारी के पीछे वास्तविक लोग कौन थे।

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