स्नैपचैट पर युवती बनकर निवेश में भारी मुनाफे का झांसा दिया; चंडीगढ़ की युवती की तस्वीर लगाकर बनाई फर्जी पहचान, आरोपी गिरफ्तार

छह महीने तक महिला की आवाज में बात कर पुणे के कानून छात्र से ₹1.41 लाख की ठगी

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By Roopa
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पुणे। सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुणे के 23 वर्षीय कानून छात्र को एक व्यक्ति ने करीब छह महीने तक महिला की आवाज में बात कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा दिया और उससे करीब ₹1.41 लाख की ठगी कर ली। आरोपी ने स्नैपचैट पर महिला के नाम से फर्जी पहचान बनाई थी और प्रोफाइल पर चंडीगढ़ की एक प्रभावशाली युवती की तस्वीर इस्तेमाल की थी।

पुलिस के अनुसार, छात्र को 10 अक्टूबर 2025 को स्नैपचैट पर “प्रिंसिका जोशी” नाम से एक उपयोगकर्ता की ओर से संपर्क अनुरोध मिला था। सामने वाले व्यक्ति ने महिला की आवाज में उससे बातचीत शुरू की और क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। लगातार बातचीत के बाद छात्र उसके झांसे में आ गया।

क्रिप्टो वॉलेट में भेजी ₹1.41 लाख की रकम

आरोपी के कहने पर छात्र ने क्रिप्टोकरेंसी कारोबार के लिए बिनेंस पर खाता खोला। इसके बाद उसने एक ऑनलाइन एजेंट से संपर्क कर क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की प्रक्रिया शुरू की। कथित तौर पर “प्रिंसिका” ने छात्र से खरीदी गई क्रिप्टोकरेंसी अपने डिजिटल वॉलेट में भेजने को कहा। उसने दावा किया कि वह रकम को निवेश करेगी और मुनाफे के साथ बाद में पूरी राशि छात्र को वापस कर देगी।

पुलिस के मुताबिक, 9 जनवरी 2026 से 24 मार्च 2026 के बीच छात्र ने अलग-अलग लेनदेन में कुल करीब ₹1.41 लाख आरोपी के बताए डिजिटल वॉलेट में भेज दिए। इसमें छात्र के अपने वॉलेट के अलावा उसके एक रिश्तेदार और ऑनलाइन एजेंट के वॉलेट से भेजी गई रकम भी शामिल थी। हालांकि, आरोपी ने न तो मुनाफे की रकम लौटाई और न ही मूल रकम वापस की।

तस्वीर की असलियत से खुला फर्जीवाड़ा

काफी समय तक रकम वापस नहीं मिलने के बाद छात्र को “प्रिंसिका” की पहचान पर शक हुआ। 19 जुलाई 2026 को उसने प्रोफाइल तस्वीर की जांच गूगल लेंस के माध्यम से की। जांच में पता चला कि तस्वीर चंडीगढ़ की एक प्रभावशाली युवती की थी और आरोपी ने उसकी तस्वीर का इस्तेमाल अपनी फर्जी पहचान के लिए किया था।

छात्र ने जब “प्रिंसिका” से तस्वीर के बारे में सवाल किया तो कुछ ही मिनटों के भीतर उसके सोशल मीडिया खाते हटा दिए गए। इसके बाद छात्र को समझ आया कि जिस महिला से वह महीनों से बातचीत कर रहा था, उसकी पहचान फर्जी थी और उसे योजनाबद्ध तरीके से निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

स्नैपचैट खाते से आरोपी तक पहुंची पुलिस

ठगी का पता चलने के बाद कानून छात्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 13 अगस्त को धोखाधड़ी और पहचान की चोरी के आरोप में मामला दर्ज किया गया। साइबर पुलिस ने स्नैपचैट खाते और उससे जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि उक्त स्नैपचैट पहचान का इस्तेमाल पुणे के पार्वती क्षेत्र में रहने वाला 25 वर्षीय कुनाल जितेंद्र अदमाने कर रहा था। वह होटल प्रबंधन क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताया गया है। पुलिस ने 31 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।

दूसरे पीड़ितों की भी तलाश

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उसने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। जांच में उसके डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहने की अपील की है। खासकर निवेश पर असाधारण मुनाफे का भरोसा देने वाले लोगों पर बिना सत्यापन विश्वास न करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी निवेश योजना में रकम भेजने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान और योजना की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।

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