प्रयागराज। 73 वर्षीय एक बुजुर्ग के करीब ₹50 लाख मूल्य के शेयर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और बैंक खाते के जरिए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राहुल कपूर ने खुद को कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड का पूर्व कर्मचारी बताकर बुजुर्ग अजय कुमार बंसल का भरोसा जीता और उनके डीमैट खाते से जुड़ी जानकारी तथा जरूरी दस्तावेज हासिल कर लिए। शुरुआत में कुछ शेयर बेचकर ₹39.38 लाख उनके एचडीएफसी बैंक खाते में भेजे गए, जिससे बुजुर्ग का भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद बचे हुए शेयर भी कथित तौर पर बेच दिए गए और उनकी करीब ₹50 लाख की रकम बुजुर्ग के नाम से खोले गए फर्जी बैंक खाते में पहुंचाकर निकाल ली गई।
ओल्ड बैरहना निवासी अजय कुमार बंसल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग में डीमैट खाता था। बाद में नियामकीय प्रक्रिया के तहत यह खाता आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड में स्थानांतरित हो गया था। शिकायत के मुताबिक, राहुल कपूर उनके कार्यालय पहुंचा और खुद को कार्वी का पूर्व कर्मचारी बताया। उसने दावा किया कि बुजुर्ग के डीमैट खाते में कुछ पुराने शेयर मौजूद हैं और वह उन्हें बेचकर रकम उनके बैंक खाते में पहुंचा सकता है।
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आरोप है कि राहुल ने यह भी कहा कि वह कई अन्य लोगों के शेयर इसी तरह बेचकर उन्हें रकम दिला चुका है। दो-तीन बार कार्यालय आने-जाने के बाद बंसल को उस पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्होंने राहुल को डीमैट खाते से संबंधित जानकारी, आधार, पैन और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए।
शिकायत के अनुसार, 12 अगस्त 2024 को राहुल ने डीमैट खाते में मौजूद कुछ शेयर बेच दिए। शेयर बिक्री से प्राप्त ₹39,38,480.12 की रकम बंसल के एचडीएफसी बैंक खाते में स्थानांतरित की गई। रकम उनके अपने खाते में आने से उनका भरोसा और बढ़ गया।
बंसल के मुताबिक, बाद में जब उन्होंने अपने बाकी शेयरों का विवरण मांगा तो राहुल ने कंप्यूटर से तैयार किया गया कथित कूटरचित स्टेटमेंट दिया। इसमें बताया गया कि डीमैट खाते में अब कोई शेयर बाकी नहीं है और सभी शेयर बेचे जा चुके हैं। इसके बावजूद राहुल का उनके कार्यालय आना-जाना जारी रहा। वह कथित तौर पर उनके अन्य निवेश और म्यूचुअल फंड से जुड़े काम के नाम पर भी संपर्क में रहा।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बंसल के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न दाखिल किया। आयकर विभाग के एआईएस पोर्टल पर शेयरों की खरीद-बिक्री का विवरण देखने पर बंसल को पता चला कि उनके नाम से बड़ी संख्या में शेयर बेचे गए थे। इसके बाद उन्होंने अपने कंपनी सचिव के साथ आईआईएफएल के कार्यालय जाकर डीमैट खाते का क्लाइंट मास्टर डेटा निकलवाया। इसमें एक आईडीबीआई बैंक खाते का विवरण उनके डीमैट खाते से जुड़ा मिला।
बंसल ने आईडीबीआई बैंक की सिविल लाइंस शाखा में जानकारी ली तो पता चला कि उनके नाम पर 1 अगस्त 2025 को एक खाता खोला गया था। शिकायत में आरोप है कि इस खाते में राहुल कपूर ने अपना मोबाइल नंबर और पता दर्ज कराया था और खाते का संचालन भी वही कर रहा था।
आरोप है कि इसी फर्जी खाते को बंसल के डीमैट खाते से लिंक कराकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में उनके बचे हुए शेयर बेच दिए गए। शेयरों की बिक्री से प्राप्त करीब ₹50 लाख इसी बैंक खाते में पहुंची और राहुल कपूर ने कथित तौर पर रकम निकाल ली।
बंसल ने राहुल कपूर की पत्नी पर भी कथित आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिकायत में बैंक कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत की भी जांच की मांग की गई है। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि बुजुर्ग के नाम से बैंक खाता खोलने के लिए कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए और केवाईसी प्रक्रिया में उनकी जांच किस स्तर पर हुई।
जांच में बैंक खाते के केवाईसी दस्तावेज, खाता खोलने की प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर का विवरण, बैंक लेनदेन और शेयरों की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। यह भी जांच की जाएगी कि फर्जी खाते को डीमैट खाते से कब और किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया। पुलिस कथित तौर पर शेयर बेचने के बाद निकाली गई रकम के अंतिम गंतव्य का पता लगाने के लिए संबंधित बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगी।
