फर्जी कारोबारी ईमेल के जरिए भुगतान के लिए बैंक खाता बदलने का अनुरोध करने का आरोप; दो आरटीजीएस लेनदेन से रकम ट्रांसफर, ₹1.14 करोड़ की राशि रोककर कंपनी को वापस कराई

कंपनी को भेजा ऐसा ईमेल कि खाते में चली गई ₹1.85 करोड़ की रकम, यूपी से आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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संडरगढ़। ओडिशा के संडरगढ़ जिले में फर्जी कारोबारी ईमेल के जरिए एक निजी कंपनी से करीब ₹1.85 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी जुबैर उर्फ जुबैर खान (26) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने साथियों के साथ मिलकर कंपनी के वास्तविक कारोबारी सहयोगी की पहचान का इस्तेमाल किया और भुगतान के लिए बैंक खाते का विवरण बदलने संबंधी फर्जी ईमेल भेजा। कंपनी ने ईमेल को वास्तविक समझकर दो आरटीजीएस लेनदेन में ₹1.85 करोड़ से अधिक की रकम नए खाते में भेज दी। जांच के दौरान ₹1.14 करोड़ की रकम रोककर अदालत के आदेश से कंपनी को वापस करा दी गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने संडरगढ़ स्थित कंपनी के वास्तविक कारोबारी सहयोगी का कथित तौर पर प्रतिरूपण किया। इसके बाद कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऐसा ईमेल भेजा गया, जिसमें भुगतान प्राप्त करने वाले बैंक खाते के विवरण में बदलाव या अपडेट करने का अनुरोध किया गया था। ईमेल देखने पर कंपनी को तत्काल किसी धोखाधड़ी का संदेह नहीं हुआ और उसने बताए गए नए बैंक खाते में भुगतान कर दिया।

कंपनी ने दो आरटीजीएस लेनदेन के जरिए कुल ₹1,85,45,436 की राशि ट्रांसफर की। इसमें पहला भुगतान ₹65,57,436 और दूसरा ₹1,19,88,000 का था। दोनों रकम उस बैंक खाते में भेजी गईं, जिसकी जानकारी कथित तौर पर फर्जी ईमेल के जरिए उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस को संदेह है कि खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम हासिल करने के लिए किया गया था।

ठगी का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के वास्तविक कारोबारी सहयोगी ने संपर्क कर बताया कि उसे संबंधित बकाया भुगतान नहीं मिला है। इसके बाद कंपनी ने अपने भुगतान और ईमेल संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। जांच में पता चला कि बैंक खाता बदलने का अनुरोध करने वाला ईमेल वास्तविक कारोबारी पक्ष की ओर से नहीं भेजा गया था। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई और साइबर अपराध की जांच शुरू हुई।

जांच के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक संचार, बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। इसी क्रम में ठगी की रकम में से ₹1.14 करोड़ का पता लगाया गया। यह रकम संबंधित बैंक खाते में मौजूद थी, जिसे पुलिस की कार्रवाई के बाद रोक दिया गया। इसके बाद संडरगढ़ की अदालत से आवश्यक आदेश प्राप्त कर ₹1.14 करोड़ की राशि पीड़ित कंपनी के बैंक खाते में वापस करा दी गई।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

जांच में हापुड़ निवासी जुबैर उर्फ जुबैर खान की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद ली। उसे बुधवार को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी ईमेल और बैंक लेनदेन की पूरी प्रक्रिया में इनका किस तरह इस्तेमाल किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उत्तर प्रदेश की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर संडरगढ़ ले जाने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस आरोपी को ओडिशा लेकर पहुंची। शनिवार रात उसे संडरगढ़ की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामले में अभी कई पहलुओं की जांच बाकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी ईमेल किस तरह तैयार किया गया, कंपनी के वास्तविक कारोबारी सहयोगी से जुड़ी जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची और जिस बैंक खाते में रकम भेजी गई, उसके संचालन में किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस को आशंका है कि इस धोखाधड़ी में आरोपी अकेला नहीं था और उसके साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

जांच का एक प्रमुख हिस्सा ठगी की रकम के आगे के लेनदेन का पता लगाना भी है। पुलिस यह जांच रही है कि ₹1.14 करोड़ की रोकी गई रकम के अलावा बाकी राशि किन खातों में भेजी गई और उसे निकालने या स्थानांतरित करने में कौन-कौन लोग शामिल रहे। अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

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