भारत में आनलाइन ठगी कर आरोपी ने नाइजीरिया में खरीदे चार करोड़ के फ्लैट, नोएडा से गिरफ्तार

भारत में आनलाइन ठगी कर आरोपी ने नाइजीरिया में खरीदे चार करोड़ के फ्लैट, नोएडा से गिरफ्तार

The420.in
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मेट्रीमोनियल साइट जीवनसाथी डाट काम के जरिये संपर्क बनाकर युवती से चार लाख 85 हजार रुपये ठगने वाले नाइजीरिया के युवक जॉन जुलिओस ने भारत में ठगी कर जो पैसा कमाया। इससे नाइजीरिया में उसने चार करोड़ रुपये कीमत के फ्लैट खरीदे हैं। उसने दिल्ली व नोएडा में दो डुप्लैक्स व पत्नी के लिए बीएमडब्ल्यू कार व इको स्पो‌र्ट्स कार भी खरीदी हैं। उसने मध्य प्रदेश के ग्वालियर अंचल में स्थित भिंड की पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में ये बातें स्वीकारी हैं। एक महीने में आरोपी के खाते में एक करोड़ 89 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है।

गौरतलब है कि भिंड पुलिस ने आरोपी जॉन को उत्तर प्रदेश के नोएडा से बीते दिनों पकड़ा है।भिंड पुलिस के मुताबिक नाइजीरिया के इकोई लोगस का निवासी जॉन जुलिओस 2013 में भारत आया था। वह नोएडा स्थित इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से फार्मेसी से स्नातक करना चाहता था। यहां आकर वह नाइजीरियन युवकों के साथ रहने लगा तथा उनके साथ मिलकर भारतीयों से आनलाइन ठगी करने लगा। जॉन के पास से पुलिस को फर्जी पासपोर्ट व कई एटीएम कार्ड, सिम कार्ड मिले हैं।

चार साल से ठगी कर रहा था
भिंड डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि आरोपी करोड़ों रुपये की आनलाइन ठगी कर चुका है। ठगी के लिए एक सिम का एक ही बार उपयोग करता था। दिल्ली व नोएडा में खुद के डुप्लैक्स व फ्लैट होने के बावजूद पहचान छिपाने के लिए वह किराये के लग्जरी फ्लैट में रहता था। वह चार साल से ठगी कर रहा था। भिंड पुलिस को उसके पास से 18 मोबाइल मिले हैं। इनमें वह अब तक 2169 सिम कार्ड का उपयोग कर चुका है। उसने अब तक इतनी ठगी की है कि उसे खुद याद नहीं कि भारत में उसने कितने लोगों को शिकार बनाया। पुलिस ने जीवनसाथी डाट काम को भी नोटिस दिया है। उनसे अकाउंट पर पंजीयन के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी गई है।

10 दिन में 31 ठिकानों पर छापे, हर पता फर्जी
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में 31 ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस जिस ठिकाने पर जाती, उसका पता फर्जी निकलता। आरोपी इतना शातिर है कि अपने घर का पता किसी को नहीं देता था। आनलाइन शापिंग में भी सतर्कता बरतते हुए सामान डिलीवरी के लिए अपने घर के बजाय पड़ोस का पता देता था। गौरतलब है कि इसके गिरोह में उत्तर प्रदेश के औरौया जिले के भी कुछ आरोपी शामिल हैं।

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