अस्पताल की नकदी और बैंक खातों में हेराफेरी के साथ आयुष्मान भारत योजना में भी फर्जीवाड़े का आरोप; कंप्यूटर रिकॉर्ड में लेनदेन बदलने की बात जांच में सामने आई

मुजफ्फरनगर में अस्पताल के अकाउंटेंट पर ₹1 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, गिरफ्तार

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By Roopa
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के इवान मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के अकाउंटेंट अक्षय बंसल को अस्पताल के फंड में ₹1 करोड़ से अधिक के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उस पर अस्पताल की रिसेप्शन और कैंटीन से मिलने वाली रकम को खाते में जमा नहीं करने, वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर करने और आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित फर्जीवाड़ा करने के आरोप हैं। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को भोपा रोड स्थित टीएस मान रजबहा की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।

रिसर्च सेंटर के मुख्य कार्यकारी विजय कुमार ने 24 जून को नई मंडी कोतवाली में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अक्षय बंसल करीब दो वर्षों से रिसर्च सेंटर में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहा था। अस्पताल में उसकी जिम्मेदारी रिसेप्शन और कैंटीन से प्राप्त होने वाली रकम के प्रबंधन के साथ-साथ नकद पुस्तिका तैयार करने, बैंक खातों का मिलान करने और कंप्यूटर पर वित्तीय लेनदेन का डेटा दर्ज करने की थी।

आरोप है कि इसी जिम्मेदारी का फायदा उठाकर उसने अलग-अलग माध्यमों से प्राप्त रकम में हेराफेरी की और एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि रिसर्च सेंटर के खाते में जमा नहीं कराई। शिकायत के बाद अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड और कंप्यूटर में दर्ज लेनदेन की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कई ऐसे लेनदेन सामने आए, जिनमें रिकॉर्ड में कथित तौर पर बदलाव किए जाने की बात सामने आई।

करीब चार महीने पहले अस्पताल की स्वामिनी मंजू जैन ने अकाउंटेंट से गायब रकम के संबंध में पूछताछ की थी। आरोप है कि उस समय अक्षय बंसल कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई गई। जांच आगे बढ़ने पर करीब दो लाख रुपये की अतिरिक्त रकम के भी गायब होने की जानकारी सामने आई।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

जांच में कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज वित्तीय लेनदेन में कथित संशोधन के अलावा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि योजना से संबंधित कितने मामलों में कथित हेरफेर किया गया और उससे अस्पताल या सरकारी भुगतान व्यवस्था को कितना नुकसान हुआ।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की भूमिका अस्पताल की वित्तीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण थी, इसलिए जांच में नकदी प्राप्ति, बैंक जमा, कंप्यूटर रिकॉर्ड, रसीदों और आयुष्मान भारत योजना से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। इससे कथित गबन की कुल रकम और फर्जीवाड़े के वास्तविक दायरे का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी अक्षय बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ दर्ज मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित हेराफेरी में आरोपी ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या किसी अन्य कर्मचारी की भी इसमें भूमिका रही।

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