नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में वांछित आरोपियों में शामिल और कथित किंगपिन अभिषेक कुमार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक कुमार दुबई से भारत लौटने के बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में उसके कब्जे से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की बात कही गई है।
सीबीआई के अनुसार, जांच में अभिषेक कुमार की भूमिका महादेव बुक के तहत संचालित ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों से जुड़ी पाई गई है। आरोप है कि वह अलग-अलग सट्टेबाजी पैनलों के संचालन और उनके बीच समन्वय में सक्रिय रूप से शामिल था। इसके अलावा सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम की वसूली और कथित अवैध आय को दुबई में अचल संपत्तियों में लगाने में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
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जांच एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार के ठिकानों और कब्जे से बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में जब्त सामग्री से महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में उसकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिलने का दावा किया गया है। सीबीआई के मुताबिक, वह मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऐप के संचालन, पैनल नेटवर्क और कथित वित्तीय लेनदेन में उसकी भूमिका किस स्तर तक थी।
13 मामले सीबीआई को सौंपे गए
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज 13 मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। केंद्रीय एजेंसी इन मामलों में सट्टेबाजी नेटवर्क, उसके संचालन से जुड़े लोगों, वित्तीय लेनदेन और कथित अवैध धन के प्रवाह की जांच कर रही है।
सीबीआई के अनुसार, अब तक करीब 100 आरोपियों के खिलाफ आठ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। आरोपपत्रों में बेटिंग ऐप के कथित मुख्य प्रमोटरों के अलावा पैनल ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ लोक सेवकों के नाम भी शामिल हैं। एजेंसी की जांच इन आरोपियों की कथित भूमिका और नेटवर्क के वित्तीय ढांचे पर केंद्रित है।
मुख्य प्रमोटरों को भारत लाने की कोशिश
सीबीआई ने महादेव बेटिंग ऐप के कथित मुख्य प्रमोटरों को भारत वापस लाकर मामले में मुकदमे का सामना कराने की दिशा में कानूनी कार्रवाई तेज की है। एजेंसी के मुताबिक, इस सिलसिले में सात रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की कार्रवाई की गई है, जबकि दो प्रत्यर्पण प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।
रेड कॉर्नर नोटिस का उद्देश्य किसी आरोपी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और उसके संभावित ठिकाने की जानकारी साझा करने में संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग हासिल करना होता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण संबंधित देश के कानून और वहां की न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होता है।
ईडी की जांच में भी सामने आई गतिविधियां
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच कर रहा है। ईडी के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई जांच के हालिया निष्कर्षों में महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप के अब भी सक्रिय होने और बड़ी संख्या में सट्टेबाजी पैनलों के संचालन की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार अभिषेक कुमार से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के संचालन, पैनल व्यवस्था, धन की वसूली और कथित अवैध रकम के निवेश से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही हैं। साथ ही, बरामद सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
