लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ज्वेलर से ₹4.42 करोड़ के सोने के आभूषण और ₹20 लाख नकद की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन लोगों ने तांबे की ईंटों को सोने की बताकर ज्वेलर को भरोसे में लिया और उसके बदले बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण तथा नकदी हासिल कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपी ज्वेलर के पास पहुंचे और एक विधवा महिला रिश्तेदार के पास मौजूद चार सोने की ईंटें बेचने की बात कही। आरोपियों ने दावा किया कि ये ईंटें सेना की ओर से उपहार में दी गई थीं। उन्होंने ईंटों को सोने का बताते हुए ज्वेलर को सौदे के लिए तैयार किया। ज्वेलर ने आरोपियों की बात पर भरोसा करते हुए उनके साथ लेनदेन शुरू किया।
बताया गया है कि चारों ईंटों का कुल वजन करीब 2,861 ग्राम था। आरोप है कि ईंटों को असली सोना बताकर आरोपियों ने ज्वेलर से ₹4.42 करोड़ मूल्य के सोने के आभूषण हासिल कर लिए। इसके अलावा सौदे के दौरान ₹20 लाख नकद भी दिए जाने का आरोप है। इस तरह कथित तौर पर ज्वेलर से कुल ₹4.62 करोड़ की संपत्ति और नकदी ले ली गई।
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लेनदेन के बाद जब ज्वेलर ने ईंटों की जांच कराई तो पूरा मामला सामने आया। जांच में ईंटें सोने की जगह तांबे की पाई गईं। इसके बाद ज्वेलर को कथित धोखाधड़ी का पता चला और उसने पुलिस से शिकायत की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने सोने की ईंटों का भरोसा पैदा करने के लिए सेना से जुड़े होने की कहानी का इस्तेमाल किया था। इसी दावे के आधार पर ज्वेलर को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि ईंटें वास्तविक सोने की हैं और उन्हें बाजार मूल्य से जुड़े सौदे में हासिल किया जा सकता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने ज्वेलर तक पहुंच बनाने से पहले इस पूरी साजिश की किस तरह तैयारी की थी।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित आरोपी ज्वेलर के संपर्क में कैसे आए, उन्होंने सोने की शुद्धता और ईंटों की वास्तविकता से जुड़े कौन-कौन से दस्तावेज या दावे पेश किए और सौदे के बाद हासिल किए गए आभूषण तथा नकदी का क्या हुआ। पुलिस आरोपियों की पहचान, उनकी आपसी भूमिका और कथित ठगी के पीछे किसी बड़े गिरोह की मौजूदगी की भी पड़ताल कर सकती है।
यह मामला कीमती धातुओं के कारोबार में बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के बड़े लेनदेन करने के जोखिम को भी सामने लाता है। सोने की ईंट या अन्य कीमती धातु की खरीद में केवल विक्रेता के दावे या किसी कथित पारिवारिक, सैन्य या सरकारी संबंध के आधार पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे मामलों में शुद्धता की स्वतंत्र जांच, वैध दस्तावेज और लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण होता है।
पुलिस के सामने अब कथित ठगी में शामिल तीनों लोगों तक पहुंचने और ज्वेलर से लिए गए सोने के आभूषण व नकदी की बरामदगी की चुनौती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि आरोपियों ने कथित तौर पर तांबे की ईंटों को सोना बताकर ज्वेलर को किस तरह विश्वास में लिया और क्या इस तरह की धोखाधड़ी में अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
