लखनऊ (उत्तर प्रदेश): लखनऊ के चौक क्षेत्र स्थित चरक पुलिस चौकी के सामने से 18 महीने की बच्ची के अपहरण के मामले में पुलिस ने ₹3 लाख में बच्ची को बेचने की कथित साजिश का खुलासा किया है। 12 जुलाई की रात अपने माता-पिता के साथ चौकी के बाहर बरामदे में सो रही बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसे आलमबाग के मवैया मछली मंडी के पास से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच मानव तस्करी के एंगल से भी कर रही है।
जांच के अनुसार, बच्ची के माता-पिता बाराबंकी जिले के सरदारगंज क्षेत्र के निवासी हैं और मजदूरी करते हैं। घटना की रात वे चरक पुलिस चौकी के सामने बरामदे में सो रहे थे। देर रात करीब 2:30 बजे उनकी नींद खुली तो बच्ची गायब मिली। इसके बाद पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की और कुछ घंटों बाद बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची का अपहरण कथित तौर पर ₹3 लाख में बेचने की योजना के तहत किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हरदोई निवासी शेर सिंह को एक बच्चे की आवश्यकता थी, जिसके लिए उसने कथित रूप से श्यामजी यादव से संपर्क किया। दोनों के बीच पारिवारिक संबंध होने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले पारा क्षेत्र में एक अस्पताल का संचालन करते थे, जो अब बंद हो चुका है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, श्यामजी यादव ने कथित तौर पर मोहम्मद सुल्तान को बच्चा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी। आरोप है कि सुल्तान ने अपने साथियों को इस काम के लिए ₹20,000-₹20,000 देने का लालच दिया था।
पुलिस का दावा है कि अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्ची की तस्वीर व्हाट्सएप के माध्यम से शेर सिंह को भेजी। हालांकि, कथित खरीदार ने बच्ची की उम्र अपेक्षा से अधिक होने के कारण उसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी बच्ची को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर ऋषभ कश्यप, मोहम्मद इरशाद, रोहित पासी, श्यामजी यादव और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब इस मामले की जांच मानव तस्करी के दृष्टिकोण से भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी पहले भी बच्चों के अपहरण या तस्करी जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। वहीं, कथित खरीदार शेर सिंह की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
