असम के तुपामारी में संदिग्ध साइबर फ्रॉड आरोपी के घर छापेमारी के दौरान ₹93.08 लाख नकद, सोने के आभूषण और बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए।

₹5600 Cr Cyber Fraud: पिता और ससुर दारोगा, लीज पर होटल लेकर बेटा चला रहा था ठगी का नेटवर्क, नेपाल तक फैले तार

Roopa
By Roopa
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कानपुर। करीब ₹5,600 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप में पकड़े गए गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों से पूछताछ के बाद नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। जांच में चकेरी निवासी सेवानिवृत्त दारोगा के बेटे इखलाख का नाम सामने आया है। आरोप है कि उसने मूलगंज में लीज पर होटल लेकर साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाई और बाद में इसका संपर्क नेपाल तक फैल गया। जांच टीम के मुताबिक इखलाख फिलहाल नेपाल में है, जबकि उसका साथी आरिफ मुंबई में छिपा हुआ है।

पूछताछ में शाहजेब वारिस और सलमान के करीब 10 से 12 अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि गिरोह शेयरों में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देने, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों से रकम ऐंठने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करता था। पुलिस अब फरार आरोपितों की तलाश के साथ उनके बैंक खातों और आपसी लेनदेन की जांच कर रही है।

लीज पर होटल लेकर शुरू किया नेटवर्क

जांच के अनुसार इखलाख ने मूलगंज में लीज पर होटल लिया था। इसी दौरान उसका संपर्क कथित सरगना शाहजेब वारिस से हुआ। आरोप है कि इसके बाद वह ठगी के नेटवर्क में सक्रिय हो गया। लोगों को लोन दिलाने के नाम पर उनकी फर्जी फर्में तैयार कराई जाती थीं। इन फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी से हासिल रकम उनमें मंगाए जाने का आरोप है।

जांच में इखलाख से जुड़े पांच बैंक खातों में करीब ₹41 करोड़ के लेनदेन का पता चला है। इसके बाद जांच टीम उसके बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में उसके कई महंगी गाड़ियां खरीदने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। हाल में उसके काले रंग की थार खरीदने की बात भी सामने आई है।

व्यापारियों पर पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाने का आरोप

इखलाख पर चकेरी और जाजमऊ क्षेत्र के स्क्रैप कारोबारियों, टेनरी संचालकों और स्लाटर हाउस से जुड़ी फर्मों पर प्रभाव जमाने का भी आरोप है। जांच में यह बात सामने आई है कि वह अपने पिता के पुलिस विभाग में होने का रौब दिखाता था। कुछ कारोबारियों को पुलिस कार्रवाई और छापेमारी का डर दिखाकर गिरोह से जुड़ने का दबाव बनाने का आरोप है।

आरोप है कि जो कारोबारी गिरोह के संपर्क में आ जाते थे, उनकी फर्मों के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

ससुर के दारोगा होने का भी रौब दिखाने का आरोप

जांच में इखलाख के ससुर के भी दारोगा रह चुके होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि वह ससुर के पुलिस विभाग में होने का प्रभाव भी लोगों पर दिखाता था। जांच टीम इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि गिरोह के कामकाज में पुलिस विभाग से जुड़े किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका रही या नहीं।

14 बैंकों के 77 खातों की जांच

साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े 14 बैंकों के 77 खातों की जानकारी जांच टीम को मिली है। इनमें सरकारी और निजी दोनों बैंक शामिल हैं। आशंका है कि कुछ खातों को खुलवाने और उनमें ठगी की रकम मंगाने में बैंक कर्मचारियों की भूमिका रही हो सकती है। अब इन खातों की जांच के साथ संबंधित बैंक प्रबंधकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।

नेपाल और मुंबई तक पहुंची तलाश

इखलाख की वर्तमान लोकेशन नेपाल में मिलने के बाद जांच टीम उसके वहां के संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। वहीं आरिफ के मुंबई में होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम भेजने की तैयारी है। जांच में दुबई समेत अन्य देशों से जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके बैंक खातों की जांच के बाद साइबर ठगी की कुल रकम और नेटवर्क से जुड़े लोगों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल शाहजेब वारिस और सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि इखलाख, आरिफ समेत 12 से अधिक संदिग्धों की तलाश जारी है।

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