झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में जालसाजों ने कथित तौर पर फर्जी निवेश योजनाओं, नकली ट्रेडिंग ऐप और दुर्भावनापूर्ण APK फाइल के जरिए तीन लोगों से ₹26.60 लाख से अधिक की ठगी कर ली। पुलिस ने तीनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में बड़ागांव निवासी अरुण सिंह सेंगर ने आरोप लगाया कि प्रिया शर्मा नाम बताने वाली एक महिला ने फोन कर उन्हें मोबाइल ऐप के माध्यम से निवेश करने और अधिक मुनाफा मिलने का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार, अरुण ने मई माह के दौरान अपने एचडीएफसी बैंक खाते से कुल ₹16,87,350 विभिन्न किश्तों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने निवेश की राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपी महिला ने और पैसे जमा करने की मांग की। इनकार करने पर उनका ऐप लॉग आउट हो गया और आरोपी का मोबाइल नंबर बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
दूसरे मामले में नवाबाद के ग्रीन होम निवासी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर BOB Capital Online नामक ऐप का विज्ञापन देखने के बाद निवेश शुरू किया। 30 जुलाई से 21 अगस्त के बीच उन्होंने विभिन्न किश्तों में ₹8,82,964 ट्रांसफर किए। ऐप में निवेश की राशि बढ़ती हुई दिखाई जा रही थी, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
तीसरे मामले में नवाबाद निवासी दिलशाद अहमद ने गैस कंपनी का हेल्पलाइन नंबर गूगल पर खोजा। शिकायत के अनुसार, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर बात करने वाले एक जालसाज ने सर्विस स्लिप भेजने के बहाने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी। गूगल पे के माध्यम से ₹20 का भुगतान करने के बाद APK फाइल ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके बैंक खाते से ₹90,000 निकाल लिए गए। उन्होंने भी इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई है।
प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि निवेश संबंधी साइबर ठगी में अब फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, दुर्भावनापूर्ण मोबाइल एप्लिकेशन, APK फाइल और सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने तथा व्हाट्सएप, SMS या अन्य अनजान स्रोतों से प्राप्त APK फाइल या एप्लिकेशन डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी निवेशकों को सलाह दी है कि निवेश से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित निवेश सलाहकार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ पंजीकृत है। सोशल मीडिया पर मिलने वाले गारंटीड रिटर्न या कम समय में अधिक मुनाफे के दावों से बचें और कभी भी OTP, UPI PIN, CVV या नेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें और किसी भी नए निवेश प्लेटफॉर्म पर बड़ी राशि लगाने से पहले छोटे लेन-देन के माध्यम से उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
पुलिस ने बताया कि तीनों मामलों की जांच जारी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।
