विदेश रोजगार का सपना दिखाकर दो साल तक चलता रहा ठगी का सिलसिला; Crime Branch ने जांच शुरू कर संभावित नेटवर्क की तलाश तेज की

इटली–यूके नौकरी का झांसा देकर खेला गया ₹9.08 लाख का खेल, SCW ने दर्ज किया केस

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By Roopa
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जम्मू: विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक परिवार से ₹9.08 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। Special Crime Wing (SCW) of Crime Branch Jammu ने इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि इटली और यूनाइटेड किंगडम में नौकरी दिलाने के नाम पर लंबे समय तक भरोसे में लेकर अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम वसूली गई, लेकिन न तो नौकरी दिलाई गई और न ही पूरी रकम वापस की गई।

अधिकारियों के अनुसार, FIR No. 10/2026 भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक विस्तृत शिकायत की जांच के बाद की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी आश्वासन और योजनाबद्ध तरीके से पैसे लेने के आरोप सामने आए हैं।

शिकायत के अनुसार, आरोपी की पहचान Bhupinder Kumar, निवासी किर पिंड, आर.एस. पुरा (जम्मू) के रूप में हुई है। करीब दो वर्ष पहले आरोपी ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसके बेटे को विदेश में रोजगार दिलाने का प्रस्ताव दिया था। शुरुआत में आरोपी ने दावा किया कि वह इटली में नौकरी की व्यवस्था कर सकता है और इसके लिए कुछ दस्तावेजी प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिससे भरोसा मजबूत हो सके।

हालांकि जांच में सामने आया कि इटली के लिए भेजा गया आवेदन संबंधित विदेशी प्राधिकरणों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी ने शिकायतकर्ता को आश्वस्त करना जारी रखा और बाद में यूनाइटेड किंगडम (UK) में नौकरी दिलाने का नया वादा कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, UK में रोजगार का यह प्रयास भी आगे चलकर संबंधित आपत्तियों और प्रक्रियागत कारणों से विफल हो गया। इसके बावजूद आरोपी ने कथित रूप से लगातार अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना जारी रखा, जिसमें वीजा प्रोसेसिंग, दस्तावेज सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं का हवाला दिया जाता रहा।

शिकायतकर्ता ने भरोसा कर अपने परिवार और रिश्तेदारों की मदद से कुल ₹9,08,000 की राशि आरोपी को दी। इसमें ₹8,23,000 ऑनलाइन माध्यम से और ₹85,000 नकद शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि अब तक केवल ₹40,000 की आंशिक राशि ही वापस की गई है, जबकि शेष रकम अभी तक नहीं लौटाई गई है।

SCW के प्रवक्ता के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी ने शुरू से ही धोखाधड़ी की मंशा से यह पूरा लेनदेन किया था। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता को बार-बार गलत जानकारी और झूठे आश्वासन देकर पैसे देने के लिए प्रेरित किया गया।

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मामला दर्ज होने के बाद Crime Branch ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एक DySP रैंक अधिकारी को सौंपी गई है, जो पूरे वित्तीय लेनदेन, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल संचार की गहन जांच कर रहा है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस तरह की धोखाधड़ी के अन्य पीड़ित भी मौजूद हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर एक पैटर्न देखा जाता है, जिसमें पहले छोटे स्तर पर भरोसा बनाया जाता है और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम वसूली जाती है। कई बार पीड़ित लंबे समय तक इस उम्मीद में रहते हैं कि नौकरी मिल जाएगी, जिससे धोखाधड़ी का दायरा बढ़ता जाता है।

Crime Branch ने आशंका जताई है कि यह मामला किसी बड़े फर्जी रोजगार नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। इसी कारण जांच टीम अन्य संभावित लिंक और संदिग्ध व्यक्तियों की भी तलाश कर रही है।

अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि विदेश नौकरी से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच-पड़ताल करें और केवल अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि बिना वैध दस्तावेज और सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को पैसे देना गंभीर जोखिम हो सकता है।

फिलहाल, यह मामला जांच के अधीन है और आने वाले दिनों में इसमें और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। Crime Branch का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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