भारत ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी अभियोग का संज्ञान लेते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग दोहराया है।

भारत ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिकी अभियोग पर पहली प्रतिक्रिया दी, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग दोहराया

Team The420
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नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसने संयुक्त राज्य अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कई कथित सहयोगियों के खिलाफ दायर अभियोग (Indictment) का संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए मजबूत और लगातार गहरा होते सहयोग के तहत मिलकर काम कर रहे हैं।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ जारी अभियोग और प्रवर्तन कार्रवाई संबंधी घोषणाओं को देखा है।

जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी तथा ऐसे अन्य आपराधिक नेटवर्क दुनिया भर के समाजों के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका की संबंधित एजेंसियों के बीच वर्षों से घनिष्ठ सहयोग और समन्वय बना हुआ है।

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विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में लंबे समय से मिलकर काम किया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से यह सहयोग लगातार और मजबूत हो रहा है।

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारत स्थित संगठित अपराध सिंडिकेटों से कथित रूप से जुड़े 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग अभियोग सार्वजनिक किए हैं, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य भी शामिल बताए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, वर्ष 2015 से भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम दिलाने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार गोल्डी बराड़ अब भी फरार है।

अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि बिश्नोई गिरोह कई देशों में फैले एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता था, जो लक्षित हत्याओं, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी, धमकी और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। अभियोग में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरोह प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के बाद समुदाय के लोगों से उगाही करता था।

अभियोग की घोषणा करते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हिंसा, नशीले पदार्थों और भय फैलाने वाले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ संघीय कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि ऐसे वैश्विक आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था। वर्ष 2024 में कनाडाई अधिकारियों ने इस हत्या की जांच के सिलसिले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया था। बाद में कनाडा ने बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी इकाई घोषित करते हुए उसकी संपत्तियां फ्रीज करने और संबंधित संपत्तियों को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

हालांकि भारत की ताजा प्रतिक्रिया में अमेरिकी अभियोग में लगाए गए विशिष्ट आरोपों पर टिप्पणी करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं और उनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए साझेदार देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है।

विदेश मंत्रालय के इस बयान से स्पष्ट होता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ वैश्विक सहयोग को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल मानता है, जबकि अमेरिकी अभियोग से जुड़े मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया संबंधित देशों के कानूनी ढांचे के तहत आगे बढ़ती रहेगी।

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