गोरखपुर में अधिवक्ता को कथित फर्जी न्यायालय समन भेजने के मामले में बसपा नेता, उनकी पत्नी और एक अन्य पर केस दर्ज किया गया है।

फर्जी कोर्ट समन भेजने का मामला: बसपा नेता, पत्नी समेत तीन पर केस दर्ज

Team The420
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गोरखपुर (उत्तर प्रदेश): गोरखपुर में एक अधिवक्ता को कथित तौर पर फर्जी न्यायालय समन भेजकर भ्रमित करने और अवैध लाभ लेने के प्रयास के आरोप में बसपा नेता नवल किशोर नथानी, उनकी पत्नी किरण देवी तथा एक अन्य कथित कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें निराधार बताया है।

शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुरेश कुमार रामरायका के अनुसार, 25 जून को उनके आवास पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक पंजीकृत लिफाफा प्राप्त हुआ, जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-2, गोरखपुर की मोहर अंकित थी। दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने लिफाफे पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, लेकिन फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने इस मामले से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार कर दिया।

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अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने लिफाफा खोलने की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई। इसके बाद दीवानी न्यायालय में दस्तावेज का सत्यापन कराया गया, जहां प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर पता चला कि संबंधित समन न्यायालय द्वारा जारी ही नहीं किया गया था।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुरानी रंजिश के चलते नवल किशोर नथानी, किरण देवी और अन्य लोगों ने कथित रूप से न्यायालय की फर्जी मोहर तथा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें भेजे। शिकायतकर्ता ने मामले में दस्तावेजों और कथित फर्जी मोहर की फोरेंसिक जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, नवल किशोर नथानी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी हुई है और इस संबंध में उन्होंने पहले ही संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज कराया था, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि उनके विरुद्ध लगाया गया मामला पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण है।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों की प्रामाणिकता, डाक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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