गाजियाबाद: आयकर विभाग ने गाजियाबाद में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के घर छापेमारी कर करीब ₹165 करोड़ के कथित फर्जी लेनदेन का खुलासा किया है। विभाग की आगरा रीजनल टीम की कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि बड़ी रकम हांगकांग और सिंगापुर समेत पांच देशों में भेजी जा रही थी। मामले में आयकर विभाग की ओर से CA और एक महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
कार्रवाई टीला मोड़ थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में स्थित CA के आवास पर की गई। आयकर विभाग की आगरा यूनिट-1 की टीम ने तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। इनकी प्रारंभिक जांच में विदेशों में भेजी जा रही रकम से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन का पता चला।
छापेमारी में सामने आया विदेशी लेनदेन का नेटवर्क
आयकर विभाग की टीम को तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों में ऐसे वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले, जिनके जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये विदेश भेजे जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में हांगकांग और सिंगापुर के अलावा तीन अन्य देशों से जुड़े लेनदेन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन लेनदेन के पीछे वास्तविक कारोबारी गतिविधियां क्या थीं और इतनी बड़ी रकम विदेश भेजने के लिए किन दस्तावेजों, खातों और संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया।
जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि कथित लेनदेन में CA की भूमिका क्या थी और महिला आरोपी का इन वित्तीय गतिविधियों से किस तरह संबंध था। विभाग बरामद रिकॉर्ड के आधार पर लेनदेन की पूरी कड़ी खंगाल रहा है।
CA और महिला के खिलाफ केस दर्ज
आयकर विभाग ने कार्रवाई के बाद मामले में CA और एक महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अब पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग या संस्थाएं शामिल थीं।
अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि विदेश भेजी गई रकम का स्रोत क्या था, किसके खातों से रकम निकली और किन माध्यमों से उसे विदेशों तक पहुंचाया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रकम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
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दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज अब जांच का अहम आधार हैं। आयकर विभाग इनके जरिए बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, विदेशों से जुड़े भुगतान और संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के बीच कारोबारी संबंधों की पड़ताल कर रहा है।
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि कथित ₹165 करोड़ के लेनदेन में रकम को अलग-अलग खातों या संस्थाओं के जरिए घुमाया गया था या नहीं। यदि जांच में फर्जी दस्तावेजों या गलत कारोबारी विवरण के जरिए रकम विदेश भेजे जाने की पुष्टि होती है, तो मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
पांच देशों से जुड़े लेनदेन की पड़ताल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कथित वित्तीय नेटवर्क के तार पांच देशों तक जुड़े होने की बात सामने आई है। ऐसे में जांच एजेंसियां विदेशों में हुए लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों और धन के अंतिम लाभार्थियों की जानकारी जुटाने पर भी ध्यान दे रही हैं।
आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी बरामद दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण कर कथित लेनदेन की वास्तविक प्रकृति और उसमें शामिल लोगों की भूमिका निर्धारित करेगी। पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
