मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत मुंबई स्थित एक फिल्म निर्माता और उसकी कंपनी के खिलाफ कथित रूप से विदेशी संपत्तियां छिपाने तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू की है। इसी क्रम में एजेंसी ने मामले से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी Kalanee Impex Ltd. और उसके निदेशक धर्मेश सांगाणी के परिसरों पर FEMA के प्रावधानों के तहत की गई। जांच का मुख्य फोकस विदेशी मुद्रा नियमों के संभावित उल्लंघन, कथित अघोषित विदेशी संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच पर है।
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ED का आरोप है कि तलाशी के दौरान धर्मेश सांगाणी ने कथित रूप से 13वीं मंजिल से अपना मोबाइल फोन फेंकने का प्रयास किया। एजेंसी के अनुसार, मोबाइल फोन बाद में बरामद कर लिया गया और अब उसकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
जांच एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, कॉरपोरेट दस्तावेज, विदेशी संपत्तियों से संबंधित घोषणाओं तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि FEMA या अन्य लागू कानूनों के किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है या नहीं। साथ ही धन के प्रवाह (Money Trail) और कथित विदेशी वित्तीय परिसंपत्तियों की प्रकृति की भी पड़ताल की जा रही है।
धर्मेश सांगाणी फिल्म उद्योग से भी जुड़े हैं और अभिनेता एवं टेलीविजन प्रस्तोता शेखर सुमन के साथ शेखर सुमन फिल्म अकादमी के सह-संस्थापक हैं। हालांकि, ED की वर्तमान कार्रवाई धर्मेश सांगाणी और उनकी कंपनी तक सीमित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले में शेखर सुमन के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
जांच अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या अघोषित विदेशी संपत्तियां, अनधिकृत विदेशी लेनदेन या FEMA के दायरे में आने वाली अन्य वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन (FCRF) के अनुसार, विदेशी मुद्रा नियमों से जुड़े मामलों में सीमा-पार वित्तीय लेनदेन, लाभकारी स्वामित्व (Beneficial Ownership), विदेशी परिसंपत्तियों के खुलासे और डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विदेशी संपत्तियों का पारदर्शी खुलासा और नियामकीय अनुपालन ऐसे मामलों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए वित्तीय, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
About the author — Suvedita Nath is a science student with a growing interest in cybercrime and digital safety. She writes on online activity, cyber threats, and technology-driven risks. Her work focuses on clarity, accuracy, and public awareness.
