संतकबीरनगर: ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान से जुड़े विदेशी फंडिंग मामले की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच के दौरान सामने आया कि खलीलाबाद के मोतीनगर स्थित ‘कुललियातुल बनातिल रज़विया’ मदरसे के संचालन से जुड़े बैंक खाते में से एक खाता आज़मगढ़ के पते पर खोला गया था, जबकि संस्थान का संचालन संतकबीरनगर से किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, विदेशी फंडिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच पूरी कर ली गई है और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मदरसे को कतर (दोहा), सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और इंग्लैंड सहित कई देशों से विदेशी धनराशि प्राप्त हुई थी। अब यह जांच की जा रही है कि प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल शैक्षिक गतिविधियों के लिए किया गया या उसका इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी हुआ।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को 18 बैंक खातों की जानकारी मिली थी, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया था। बाद की जांच में चार और बैंक खातों का पता चला, जिसके बाद कुल खातों की संख्या 22 हो गई। जांच में सामने आया कि इन खातों का संचालन कथित तौर पर मौलाना शमशुल हुदा खान के बेटे तौसीफ रज़ा खान द्वारा किया जा रहा था। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण कर धन के स्रोत और उपयोग की जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी विदेशी फंडिंग, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की समानांतर जांच कर रही हैं। जांच के तहत 11 फरवरी को खलीलाबाद और आज़मगढ़ स्थित मौलाना और उनके परिजनों से जुड़े आवासों एवं परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया था, जहां से कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एकत्र किए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किए जा रहे हैं ताकि वित्तीय लेन-देन, विदेशी फंडिंग के स्रोत और धन के अंतिम उपयोग की व्यापक जांच की जा सके।
पुलिस का कहना है कि जांच में तौसीफ रज़ा खान की कथित संलिप्तता के साक्ष्य सामने आए हैं। मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि केंद्रीय एजेंसियां विदेशी धनराशि के प्रवाह, संपत्तियों और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।
