बिहार के नवादा जिले में एक विधवा महिला के बैंक खाते में अचानक ₹740 करोड़ से अधिक की राशि दिखाई देने का मामला सामने आया है। ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर पेंशन निकालने पहुंची महिला और संचालक उस समय हैरान रह गए, जब ट्रांजेक्शन रसीद पर खाते में ₹7,40,68,72,895.78 का बैलेंस प्रदर्शित हुआ। हालांकि, बैंक ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए स्पष्ट किया है कि खाते में वास्तविक शेष राशि केवल ₹10 थी।
यह घटना नवादा नगर परिषद के वार्ड-28 स्थित नीम टोला मोहल्ले की रहने वाली रेखा देवी, पत्नी स्वर्गीय उदय नारायण पांडेय, के साथ हुई। वह 10 जुलाई को अपनी ₹1,100 की सरकारी विधवा पेंशन निकालने के लिए पास के ग्राहक सेवा केंद्र पहुंची थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही निकासी की प्रक्रिया पूरी हुई, ट्रांजेक्शन रसीद पर उपलब्ध शेष राशि के रूप में ₹7,40,68,72,895.78 अंकित दिखाई दिया। यह देखकर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक और रेखा देवी दोनों स्तब्ध रह गए।
परिजनों के अनुसार, खाते में इतनी बड़ी रकम दिखाई देने के बाद रेखा देवी घबरा गईं और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई।
मामले की जानकारी मिलते ही सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ने इसकी सूचना तत्काल गया स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक (रीजनल मैनेजर) को दी। शाखा प्रबंधक जफर इकबाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला बैंकिंग प्रणाली में आई तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम पाया गया।
खाते का सत्यापन करने पर बैंक अधिकारियों ने पाया कि रेखा देवी के खाते में वास्तविक शेष राशि केवल ₹10 है। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि जब खाताधारक अपनी पासबुक अपडेट कराएंगी, तो उसमें सही बैलेंस ही दिखाई देगा और किसी भी प्रकार का करोड़ों रुपये का लेनदेन दर्ज नहीं मिलेगा।
बैंक प्रबंधन ने कहा है कि इस मामले में किसी प्रकार का अनधिकृत धन हस्तांतरण या वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी घटना केवल तकनीकी त्रुटि का परिणाम है और इसके कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।
