भुवनेश्वर। शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर भुवनेश्वर निवासी से ₹81.30 लाख की साइबर ठगी के मामले में साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पुलिस ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने निवेश के नाम पर पीड़ित का भरोसा जीता और उसे एक ऐप के माध्यम से रकम लगाने के लिए तैयार किया। बाद में जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो रकम तक पहुंच नहीं मिली और संबंधित ऐप भी बंद हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बंदवान निवासी बिमल कालिंदी, 37, और पार्थ हलदर, 39, के रूप में हुई है। दोनों पर भुवनेश्वर निवासी निरंजन बोइताई को शेयर बाजार में निवेश के जरिए अधिक रिटर्न दिलाने का लालच देकर ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत पीड़ित को एक व्हाट्सऐप समूह में जोड़ने से हुई। समूह में मौजूद लोगों ने खुद को शेयर बाजार के विशेषज्ञ के तौर पर पेश किया और निवेश से जुड़ी रणनीतियों तथा संभावित मुनाफे के बारे में जानकारी देकर पीड़ित का विश्वास हासिल किया। इसके बाद उसे निवेश के लिए ‘Maverick Cap’ नाम का एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया।
पीड़ित आरोपियों के दावों पर भरोसा कर ऐप के माध्यम से निवेश करने लगा। पुलिस के अनुसार, उसने अलग-अलग लेनदेन में कुल ₹81,30,082 जमा किए। निवेश के दौरान उसे अपने खाते में रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देने का भरोसा दिया गया, जिससे वह लगातार और राशि जमा करता रहा।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
कुछ समय बाद जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि रकम निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई और बाद में ऐप भी बंद हो गया। लगातार प्रयास के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और लेनदेन से जुड़े बैंक खातों तथा डिजिटल गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस पश्चिम बंगाल पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से जुटाई गई रकम किन खातों में भेजी गई और इस नेटवर्क में अन्य कितने लोग शामिल हैं।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों को इसी तरीके से निवेश के नाम पर निशाना बनाया। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेनदेन और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
शेयर बाजार में ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी में साइबर अपराधी अक्सर व्हाट्सऐप या अन्य संदेश मंचों के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। खुद को विशेषज्ञ बताकर उन्हें आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिया जाता है और फर्जी निवेश ऐप या वेबसाइट के माध्यम से रकम जमा कराई जाती है। शुरुआती चरण में लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाने के बाद बड़ी रकम निवेश कराने और निकासी के समय खाते को रोकने या अतिरिक्त भुगतान की मांग करने जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल किया जाता है।
