नई दिल्ली। जर्मनी की दिग्गज रासायनिक कंपनी BASF ने Apple के खिलाफ अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा दायर किया है। कंपनी की इकाई trinamiX ने आरोप लगाया है कि Apple के कई iPhone और iPad मॉडलों में इस्तेमाल होने वाली Face ID तकनीक उसकी पेटेंट तकनीक का उल्लंघन करती है। मुकदमे में कंपनी ने हर्जाने की मांग करने के साथ कथित पेटेंट उल्लंघन को आगे जारी रखने पर रोक लगाने की मांग की है।
BASF की ओर से अमेरिका के टेक्सास स्थित मिडलैंड संघीय जिला अदालत में दाखिल शिकायत के मुताबिक, trinamiX ने चेहरे की पहचान से जुड़ी ऐसी तकनीक विकसित करने में करीब एक दशक लगाया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक चेहरे की पहचान प्रणालियों में मौजूद सुरक्षा खामी को दूर करना है। कंपनी का कहना है कि सामान्य चेहरे की पहचान प्रणालियां तस्वीरों, त्रि-आयामी प्रिंट से तैयार किए गए मुखौटों और सिलिकॉन से बनी चेहरे की प्रतिकृतियों जैसे तरीकों से धोखा खा सकती हैं।
Face ID को लेकर क्या है विवाद
शिकायत में कहा गया है कि Apple ने 2017 में iPhone X के साथ Face ID पेश करते समय BASF की पेटेंट तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया था। हालांकि, trinamiX का आरोप है कि बाद में Apple ने अपने कई उत्पादों में चेहरे, त्वचा और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की पहचान से जुड़ी तकनीक को शामिल किया, जो उसके पेटेंट के दायरे में आती है।
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कंपनी ने आरोप लगाया है कि Apple को उसके पेटेंट और तकनीक की जानकारी थी या उसे कम से कम यह पता होना चाहिए था कि Face ID में सामग्री और त्वचा की पहचान से जुड़ी तकनीक को शामिल करने से पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन होने की पूरी संभावना है। trinamiX ने दावा किया है कि इस कथित उल्लंघन से उसे बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है और भविष्य में भी अपूरणीय क्षति हो सकती है।
मुकदमे में trinamiX ने कुल सात पेटेंट के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कंपनी ने अदालत से आर्थिक हर्जाने के साथ-साथ कथित उल्लंघन को रोकने के लिए आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। हालांकि, शिकायत में मांगे गए हर्जाने की कोई निश्चित राशि नहीं बताई गई है।
iPhone 15 से iPhone 17 तक आरोप
BASF की शिकायत के अनुसार, कथित पेटेंट तकनीक Apple के कई मौजूदा और हालिया उत्पादों में इस्तेमाल की जा रही है। इनमें iPhone 15, iPhone 16 और iPhone 17 श्रृंखला के विभिन्न मॉडल तथा iPad Pro के कुछ मॉडल शामिल हैं। कंपनी का आरोप है कि इन उपकरणों में Face ID के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक उसके पेटेंट अधिकारों से जुड़ी है।
Apple ने मुकदमे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कंपनी की ओर से अदालत में आरोपों का जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
सौर ऊर्जा शोध से शुरू हुई तकनीक
trinamiX के मुताबिक, उसकी तकनीक की शुरुआत वर्ष 2010 के आसपास BASF के वैज्ञानिकों के शोध से हुई। उस समय वैज्ञानिक जैविक सौर कोशिकाओं पर काम कर रहे थे। इसी दौरान हुई कुछ अप्रत्याशित खोजों ने त्रि-आयामी कैमरा तकनीक के शुरुआती नमूने विकसित करने का रास्ता तैयार किया।
BASF ने 2014 में trinamiX को स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित किया था। इसका उद्देश्य उन्नत त्रि-आयामी और सामग्री पहचान तकनीकों का विकास करना था। कंपनी के अनुसार, trinamiX के पास दुनिया भर में 800 से अधिक स्वीकृत या लंबित पेटेंट हैं।
यह मुकदमा ऐसे समय सामने आया है जब स्मार्टफोन कंपनियां चेहरे की पहचान को केवल फोन खोलने के साधन के बजाय डिजिटल सुरक्षा की प्रमुख परत के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में यदि BASF के आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो इसका असर Apple के Face ID से जुड़े उत्पादों और तकनीकी व्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल ये आरोप हैं और अदालत ने पेटेंट उल्लंघन पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
