बरेली में सदर तहसील का लेखपाल एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ा

Team The420
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बरेली की सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल को महिला का हैसियत प्रमाणपत्र बनाने के बदले ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी को सेवायोजन कार्यालय के पास पकड़कर कोतवाली ले जाया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में अधिकारियों को उसकी जेब और कमरे से ₹5,300 नकद भी बरामद हुए।

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल

अधिकारियों के अनुसार सुभाषनगर निवासी भारतेंदु सिंह सोनकर ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने व्यावसायिक कार्य के लिए पत्नी के नाम पर हैसियत प्रमाणपत्र बनवाना था।

आरोप है कि लेखपाल महेश कुमार ने प्रमाणपत्र जारी करने के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन थाना प्रभारी प्रवीण सान्याल ने इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच और आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।

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रिश्वत लेते ही रंगे हाथ गिरफ्तार

एंटी करप्शन टीम के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने रुपये देने के लिए सहमति जताई। तय योजना के अनुसार सोमवार शाम को लेखपाल ने उसे तहसील के सामने स्थित सेवायोजन कार्यालय के पास अपने कमरे पर बुलाया।

जैसे ही महेश कुमार ने रुपये अपने हाथ में लिए, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच प्रक्रिया के दौरान जब उसके हाथ धुलवाए गए तो नोटों पर लगे केमिकल की वजह से पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।

बरेली में किराये पर रह रहा था आरोपी

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी महेश कुमार मूल रूप से बांदा जिले के मटौंध थाना क्षेत्र के बसहरी गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह बरेली के सिविल लाइंस क्षेत्र में बी.एस. चाहर के मकान में किराये पर रह रहा था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ी सख्ती

अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर रोक लगाने के लिए एंटी करप्शन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अवैध धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत करें, ताकि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो रही है और इसमें आम लोगों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

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