विकास कार्यों में ढिलाई और प्रशासनिक शिकायतों के बाद शासन की कार्रवाई; जिले में मचा प्रशासनिक हलचल

लापरवाही के आरोप में बागपत के CDO बृजेंद्र शुक्ल हटाए गए, मुख्यालय से किया गया संबद्ध

Team The420
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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बृजेंद्र शुक्ल को उनके पद से हटा दिया गया है। शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इस फैसले के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि जिले में चल रहे विकास कार्यों में लापरवाही और प्रशासनिक स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों के चलते यह कार्रवाई की गई। मामले को लेकर जिला स्तर पर नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद शासन स्तर पर पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई और अंततः अधिकारी को पद से हटाने का निर्णय लिया गया।

सूत्रों के अनुसार बागपत में कई विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे थे। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गति नहीं मिलने और निगरानी में ढिलाई की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर संबंधित स्तर पर रिपोर्ट भेजी गई थी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत सैनी ने भी शासन को पत्र लिखकर CDO के कार्यों को लेकर नाराजगी जताई थी। पत्र में विकास कार्यों की धीमी प्रगति और प्रशासनिक समन्वय की कमी का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद शासन स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

कार्रवाई के तहत बृजेंद्र शुक्ल को उनके पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रशासनिक नियमों के तहत जब किसी अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किया जाता है तो उसे मौजूदा पद से हटाकर आगे की तैनाती या जांच प्रक्रिया तक मुख्यालय में रखा जाता है।

इस निर्णय के बाद बागपत जिले में फिलहाल नए मुख्य विकास अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जल्द ही किसी अन्य अधिकारी को जिले का नया CDO नियुक्त किया जा सकता है। तब तक जिले में विकास विभाग से जुड़े कार्य विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित किए जाएंगे।

जिले में मुख्य विकास अधिकारी का पद बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यह अधिकारी ग्रामीण विकास, पंचायत, मनरेगा, आवास योजना, स्वच्छता अभियान और अन्य कई प्रमुख सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करता है। ऐसे में इस पद पर बदलाव का सीधा असर जिले के विकास कार्यों की गति पर भी पड़ सकता है।

प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को शासन द्वारा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बागपत जिले में नए मुख्य विकास अधिकारी की तैनाती कब होती है और विकास योजनाओं को फिर से गति देने के लिए प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।

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