सभी उपयोगकर्ताओं को अब दिखाना होगा कि वे 18 वर्ष से अधिक हैं; विशेषज्ञों में राय विभाजित, दीर्घकालिक प्रभाव पर सवाल

ऑस्ट्रेलिया में 18+ सामग्री के लिए ऑनलाइन आयु सत्यापन लागू, बच्चों की सुरक्षा के लिए नई नियमावली

Team The420
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सिडनी। ऑस्ट्रेलियाई संघीय सरकार ने सोमवार से ऑनलाइन आयु सत्यापन नियम लागू कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को अश्लील सामग्री, हिंसा और अन्य हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से सुरक्षित रखना है। नई व्यवस्था के तहत, अब सभी उपयोगकर्ताओं को यह साबित करना होगा कि वे 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं, तभी वे वेबसाइटों और प्लेटफॉर्म पर वयस्क सामग्री तक पहुँच सकते हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद डिजिटल दुनिया में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा बढ़ाना और इंटरनेट पर उपलब्ध संवेदनशील सामग्री पर नियंत्रण स्थापित करना है। नियमों के अनुसार, वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उपयोगकर्ता की आयु की पुष्टि के लिए तकनीकी और वैध उपाय अपनाने होंगे।

नए सिस्टम में उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान और जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने होंगे। इसमें डिजिटल पहचान पत्र, क्रेडिट/डेबिट कार्ड की जानकारी, या अन्य सुरक्षित पहचान प्रमाण शामिल हो सकते हैं। नियमों का पालन न करने वाले प्लेटफॉर्म पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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इस कदम को लेकर विशेषज्ञों में मिश्रित राय सामने आई है। जूलि इनमैन ग्रांट, ई-सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि यह नियम बच्चों को अश्लील और हिंसक सामग्री से बचाने में मदद करेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने चेताया कि तकनीकी चुनौती और उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता पर असर भी हो सकता है।

सिडनी विश्वविद्यालय के मार्क जॉनसन और मेलबोर्न विश्वविद्यालय की प्रोफेसर जीनी पेटरसन ने कहा कि इस तरह की तकनीक प्रभावी तो हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह तभी सफल होगी जब सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म इसका पालन करें और तकनीकी अंतराल न हो। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि युवा उपयोगकर्ता कभी-कभी ऑनलाइन सत्यापन को बायपास करने के तरीके खोज सकते हैं, जिससे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।

विशेषज्ञ शानन कोनी ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा सुरक्षित तरीके से संग्रहित और इस्तेमाल किया जाए। बच्चों के डिजिटल अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए नियमित निगरानी और अपडेटेड तकनीकी उपाय आवश्यक हैं।

सरकारी अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और संदिग्ध या असुरक्षित वेबसाइटों के बारे में सूचित करें। साथ ही, माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों के साथ इंटरनेट उपयोग के नियम तय करने और डिजिटल सुरक्षा पर चर्चा करने की सलाह दी गई है।

इस नई नियमावली के लागू होने से ऑस्ट्रेलिया डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बच्चों और किशोरों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, लेकिन इसके साथ ही तकनीकी और गोपनीयता संबंधी चुनौतियों पर भी ध्यान देना होगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार इस कार्यक्रम की सफलता पर लगातार नजर रखेगी और आवश्यकतानुसार तकनीकी सुधार या नियमों में बदलाव करेगी। सभी प्लेटफॉर्म्स से अपेक्षा की गई है कि वे सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी आयु सत्यापन प्रणाली लागू करें।

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