गुवाहाटी। असम के बोको-चायगांव इलाके में साइबर फ्रॉड के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक घर से ₹93.08 लाख नकद, सोने के आभूषण और बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई रविवार को तुपामारी पुलिस चौकी क्षेत्र के 3 नंबर तुपामारी गांव में संदिग्ध साइबर ठगी की गतिविधियों से जुड़ी सूचना मिलने के बाद की। छापेमारी के दौरान संदिग्ध आरोपी घर पर मौजूद नहीं था, जबकि उसकी पत्नी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई संदिग्ध साइबर ठग की गतिविधियों के बारे में मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। बोको-चायगांव सह-जिले के पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में तुपामारी पुलिस चौकी और नगरबेरा थाने की टीम ने संदिग्ध आरोपी सनावर हुसैन के घर की तलाशी ली। सनावर हुसैन मौके पर मौजूद नहीं था। उसकी पत्नी साहेदा अहमद को पुलिस ने परिसर से पकड़ा।
तलाशी के दौरान ₹93,08,200 नकद बरामद किए गए। इसके अलावा सोने के आभूषण, एक बोलेरो वाहन और रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस को घर से अलग-अलग बैंकों के कई एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक भी मिलीं। इसके साथ ही 70 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
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बड़ी नकदी और कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम के लेनदेन में किया गया था या नहीं। जांच एजेंसियां बरामद नकदी और अन्य सामान के स्रोत तथा वास्तविक मालिकाना हक की जांच कर रही हैं। जब्त किए गए बैंक खातों और एटीएम कार्ड से जुड़े लेनदेन का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है।
पुलिस को आशंका है कि कई बैंक खातों और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को जमा करने या उसे आगे भेजने के लिए किया गया हो सकता है। हालांकि, बरामद रकम और बैंकिंग साधनों का साइबर ठगी से सीधा संबंध अभी जांच का विषय है। पुलिस वित्तीय लेनदेन की जांच और अन्य सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
छापेमारी और जब्ती की पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध गतिविधियां किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी हैं या नहीं। आरोपी सनावर हुसैन की भूमिका और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर फ्रॉड में शामिल लोगों और उन्हें किसी भी तरह की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पासबुक या अन्य वित्तीय साधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसे साधनों का गलत इस्तेमाल होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने संदिग्ध साइबर ठगी की गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। जांच आगे बढ़ने के साथ बरामद नकदी, बैंक खातों और अन्य सामान के बीच संबंध स्पष्ट होने की उम्मीद है।
