नई दिल्ली। इंटरनेट इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है, जब शुरुआती सर्च इंजन के रूप में पहचान बनाने वाली कंपनी Ask.com ने लगभग तीन दशकों बाद अपने सर्च बिजनेस को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसने 1 मई 2026 से अपनी सर्च सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे उस युग का अंत हो गया जिसने इंटरनेट के शुरुआती दौर में लाखों यूजर्स के ऑनलाइन अनुभव को आकार दिया था।
कभी Ask Jeeves के नाम से मशहूर यह प्लेटफॉर्म उन शुरुआती सिस्टम्स में शामिल था, जिसने “नेचुरल लैंग्वेज सर्च” की शुरुआत की थी। इसमें यूजर्स को पूरे सवाल लिखकर जवाब पाने की सुविधा मिलती थी, न कि केवल कीवर्ड टाइप करने की। उस समय यह फीचर बेहद क्रांतिकारी माना गया था और इसे इंटरनेट सर्च की दुनिया में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा गया।
गूगल के आने से पहले बड़ा खिलाड़ी था Ask Jeeves
1990 के दशक के अंत और 2000 की शुरुआत में Ask Jeeves इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक प्रमुख सर्च प्लेटफॉर्म था। 1997 में गैरेट ग्रुएनर और डेविड वारथेन द्वारा लॉन्च किया गया यह प्लेटफॉर्म अपने अनोखे “सवाल-जवाब” आधारित सिस्टम के कारण तेजी से लोकप्रिय हुआ।
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जहां उस समय के अधिकतर सर्च इंजन केवल कीवर्ड पर आधारित थे, वहीं Ask Jeeves यूजर्स को पूरी भाषा में सवाल पूछने की सुविधा देता था। यह अनुभव आज के AI चैटबॉट्स और वॉयस असिस्टेंट्स जैसा महसूस होता था, लेकिन उस दौर में यह तकनीक अपने समय से काफी आगे मानी जाती थी।
‘जीव्स’ मैस्कॉट बना पहचान का चेहरा
Ask Jeeves की सबसे बड़ी पहचान उसका बटलर कैरेक्टर “Jeeves” था, जिसने इसे आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। यह मैस्कॉट विज्ञापनों, मार्केटिंग कैंपेन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दिखाई देता था।
धीरे-धीरे Jeeves इंटरनेट संस्कृति का एक प्रतीक बन गया और डॉट-कॉम बूम का हिस्सा माना जाने लगा। हालांकि, समय के साथ गूगल की तकनीक और तेज़ी ने इसे पीछे छोड़ दिया और इसकी लोकप्रियता कम होती चली गई।
Ask.com में बदलाव और गिरावट का दौर
2005 में कंपनी का अधिग्रहण IAC ने किया और इसका नाम बदलकर Ask.com कर दिया गया। इस दौरान मैस्कॉट Jeeves को हटा दिया गया और प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाने की कोशिश की गई।
लेकिन यह बदलाव कंपनी को फिर से प्रतिस्पर्धा में खड़ा नहीं कर सका। जैसे-जैसे गूगल ने तेज़, सटीक और एल्गोरिद्म आधारित सर्च तकनीक विकसित की, Ask.com का बाजार हिस्सा लगातार घटता गया।
धीरे-धीरे कंपनी की स्थिति कमजोर होती गई और यह स्पष्ट हो गया कि गूगल के साथ प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन है।
25 वर्षों बाद आधिकारिक रूप से सेवा समाप्त
कंपनी ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि उसकी सर्च सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। विदाई संदेश में कंपनी ने अपने इंजीनियरों, कर्मचारियों और उन लाखों यूजर्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने वर्षों तक इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया।
संदेश में यह भी कहा गया कि Ask Jeeves की सोच और उसकी “कन्वर्सेशनल सर्च” की भावना हमेशा इंटरनेट इतिहास का हिस्सा बनी रहेगी।
AI युग में एक विडंबना भरा अंत
दिलचस्प बात यह है कि Ask.com का बंद होना ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया फिर से कन्वर्सेशनल सर्च और AI आधारित असिस्टेंट्स की ओर लौट रही है। जिस विचार को Ask Jeeves ने दो दशक पहले पेश किया था, वही अब आधुनिक AI चैटबॉट्स और स्मार्ट सर्च सिस्टम्स की नींव बन चुका है।
आज के AI टूल्स और वॉयस असिस्टेंट्स वही अनुभव प्रदान कर रहे हैं, जिसे Ask Jeeves ने बहुत पहले शुरू किया था—पूरे सवाल पूछकर जवाब पाने की सुविधा।
निष्कर्ष
Ask.com का बंद होना इंटरनेट इतिहास के एक महत्वपूर्ण युग के समाप्त होने जैसा है। भले ही यह कंपनी गूगल के साथ प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं सकी, लेकिन इसकी विरासत आज भी महत्वपूर्ण है।
प्राकृतिक भाषा सर्च की शुरुआत से लेकर इंटरनेट की शुरुआती पहचान बनने तक, Ask Jeeves ने डिजिटल दुनिया को एक नई दिशा दी। इसका सफर यह दर्शाता है कि तकनीक कितनी तेजी से बदलती है और कैसे शुरुआती नवाचार भविष्य की बड़ी क्रांतियों की नींव रखते हैं।
