Arkansas में करीब ₹28 लाख की कथित ठगी की रकम लेने पहुंचे थे आरोपी; पुलिस ने बुजुर्ग बनकर नकली नोटों से भरा डिब्बा दिया, जाल में फंसे दोनों आरोपी

अमेरिका में PayPal Refund Scam का बड़ा खुलासा, भारतीय महिला-पुरुष ने माना अपराध; 5 साल की सजा

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली: अमेरिका के Arkansas में कथित PayPal Refund Scam के मामले में एक भारतीय पुरुष और महिला ने अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए अपराध कबूल कर लिया है। आरोपियों की पहचान Gajera Prashant और Dharaben Bhavadiya के रूप में हुई है। दोनों पर ऐसे साइबर ठगी गिरोह के लिए काम करने का आरोप था, जिसमें पीड़ितों को बताया जाता था कि उनके PayPal खाते में गलती से अतिरिक्त रकम भेज दी गई है और अब उन्हें वह पैसा वापस करना होगा। मामले में दोनों को पांच साल की निलंबित सजा सुनाई गई है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल में एक Undercover Operation के दौरान दोनों को पकड़ा गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोग Gentry इलाके के एक Liquor Store में कथित तौर पर $29,500 की रकम लेने पहुंचेंगे। यह राशि भारतीय मुद्रा में करीब ₹28 लाख है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जाल तैयार किया।

बुजुर्ग बनकर पहुंचा पुलिसकर्मी, नकली नोटों से भरा डिब्बा दिया

ऑपरेशन के दौरान एक Undercover Police Officer ने बुजुर्ग व्यक्ति का रूप धारण किया। उसने एक डिब्बे में नकली अमेरिकी नोट रखे और उसे असली रकम के रूप में पेश किया। Highfill Police Department ने कार्रवाई के दौरान Drones की मदद से निगरानी भी की।

जब Prashant कथित तौर पर रकम लेने पहुंचा तो Undercover Officer ने उसे नकली नोटों से भरा डिब्बा सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को विश्वास था कि डिब्बे में करीब $30,000 यानी लगभग ₹28.7 लाख की वास्तविक रकम है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

Prashant ने कहा- Bhavadiya ने रकम लेने के लिए भेजा था

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में Prashant ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि Bhavadiya ने उसे रकम लेने में मदद करने के लिए कहा था। उसके अनुसार, इस काम के बदले Bhavadiya को $300 यानी करीब ₹28,700 मिलने थे। Prashant ने यह भी बताया कि उसे पता था कि डिब्बे में करीब $30,000 की रकम होगी।

दूसरी ओर, Bhavadiya ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह गिरफ्तारी से कुछ सप्ताह पहले ही अमेरिका पहुंची थी। उसने दावा किया कि भारत में उसका परिवार खतरे में था। उसने कहा कि वह Prashant को नहीं जानती थी और उसे कथित ठगी को अंजाम देने के लिए उससे मिलने को कहा गया था।

Bhavadiya ने अधिकारियों को बताया कि वह अमेरिका में अपने Clothing Business के सिलसिले में आई थी। हालांकि, Investigators का मानना था कि दोनों कथित Fraud Network में मुख्य आरोपियों के बजाय Middlemen की भूमिका निभा रहे थे और पैसे के लिए इस काम में शामिल हुए थे।

कई मोबाइल फोन और अतिरिक्त सिम कार्ड मिले

जांच के दौरान दोनों के पास से कई Mobile Phones और अतिरिक्त SIM Cards मिलने की बात सामने आई। जांचकर्ताओं ने इन उपकरणों को कथित ठगी नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच में महत्वपूर्ण माना।

PayPal Refund Scam में आमतौर पर ठग पीड़ित को यह विश्वास दिलाते हैं कि उसके PayPal खाते में गलती से अतिरिक्त रकम पहुंच गई है। इसके बाद उससे कथित अतिरिक्त रकम वापस करने के लिए कहा जाता है। ठग इस प्रक्रिया में फर्जी भुगतान सूचना, ईमेल या अन्य Social Engineering तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ऐसे मामलों में पीड़ित को यह पता नहीं होता कि उसके खाते में वास्तविक भुगतान हुआ ही नहीं है या Refund की मांग ही ठगी का हिस्सा है। ठग इसके बाद पीड़ित से वास्तविक रकम किसी दूसरे खाते, Gift Card या नकद के रूप में हासिल करने की कोशिश करते हैं।

दोनों ने कबूला अपराध, मिली पांच साल की निलंबित सजा

मामले में Prashant और Bhavadiya ने कथित ठगी में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए Guilty Plea किया। अदालत ने दोनों को पांच साल की Suspended Sentence सुनाई। इसका मतलब है कि उन्हें तत्काल जेल नहीं भेजा गया है, लेकिन उन्हें अदालत की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

Gentry Police के Detective Ryan Loftus ने कहा कि ऐसे ठग बेहद पेशेवर तरीके से काम करते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें पता होता है कि पीड़ित से क्या कहना है, किस तरह कहना है और किस समय कहना है, जिससे लोग उनकी बात पर विश्वास कर लेते हैं।

जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही

यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क में मुख्य ठगों के अलावा रकम लेने वाले मध्यस्थों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। ऐसे लोग कथित तौर पर गिरोह के निर्देश पर पीड़ितों से नकद या अन्य भुगतान हासिल करते हैं।

अमेरिकी जांचकर्ता अब इस कथित Fraud Network से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रहे हैं। आरोपियों से मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य जानकारी के आधार पर उनके संपर्कों और कथित ठगी नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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