नावेलिम की महिला की शिकायत पर मडगांव टाउन पुलिस ने शुरू की जांच; चेक, एटीएम कार्ड और पिन हासिल कर रकम निकालने तथा पेंशन के आधार पर ₹3 लाख का ऋण लेने का आरोप

दृष्टिबाधित पति के नाम पर ₹70 लाख की कथित ठगी, केयरटेकर समेत तीन पर मामला दर्ज

Roopa
By Roopa
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नावेलिम। गोवा के सालसेट इलाके के नावेलिम में एक दृष्टिबाधित और शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के साथ करीब ₹70 लाख की कथित वित्तीय ठगी का मामला सामने आया है। उसकी पत्नी मारिया इनेज फर्नांडिस की शिकायत पर मडगांव टाउन पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के मुताबिक, कथित वित्तीय अनियमितताएं वर्ष 2021 से 2026 के बीच हुईं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुंकलिम निवासी सोहेल शेख, जो कथित तौर पर पीड़ित कैटानो फर्नांडिस की देखभाल करता था, ने अपने भाई रियान शेख और एक अन्य व्यक्ति पॉलिनो के साथ मिलकर पीड़ित की वित्तीय जानकारी और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच हासिल की। आरोप है कि इसी पहुंच का इस्तेमाल धीरे-धीरे उसके बैंक खातों से रकम निकालने के लिए किया गया।

महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके पति से अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े कई चेकों पर हस्ताक्षर करवाए। इसके अलावा, उसके पति का एटीएम कार्ड और उसका पिन भी कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया गया। शिकायत के अनुसार, इन बैंकिंग साधनों और जानकारी का इस्तेमाल कर करीब ₹70 लाख की रकम निकाली गई।

मामले में पेंशन के आधार पर ऋण लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे और उसके पति को नावेलिम स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ले जाया गया था। वहां कथित तौर पर विभिन्न दस्तावेजों पर उसके पति के हस्ताक्षर कराए गए। शिकायत में कहा गया है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसके पति की पेंशन के बदले ₹3 लाख का ऋण लिया गया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

महिला का आरोप है कि ऋण से मिली रकम का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने निजी उद्देश्यों के लिए किया। शिकायत में बैंक खातों से रकम निकालने और ऋण हासिल करने की पूरी प्रक्रिया में आरोपियों की कथित भूमिका की जांच की मांग की गई है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित बैंक खातों से कब-कब रकम निकाली गई, चेकों का इस्तेमाल किस तरह हुआ और एटीएम कार्ड तथा पिन तक आरोपियों की कथित पहुंच कैसे बनी।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि पेंशन के आधार पर लिए गए ₹3 लाख के ऋण के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और ऋण की रकम किस खाते या व्यक्ति के पास गई। बैंकिंग दस्तावेज, लेनदेन का विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच मामले की आगे की कार्रवाई में अहम हो सकती है।

इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। शिकायत में नामजद तीनों व्यक्तियों की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन से उनका संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले की जांच मडगांव टाउन थाने की महिला पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा की जा रही है।

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