लोन और Credit Card दिलाने का भरोसा देकर हासिल किए पहचान दस्तावेज; अहमदाबाद में तीन लोगों पर ₹23.98 लाख की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला

पहले दोस्ती, फिर दस्तावेजों पर कब्जा; 15 Credit Cards से ₹5 लाख खर्च, बैंक खातों से ₹18.98 लाख निकले

Roopa
By Roopa
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अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में दोस्ती और मदद के भरोसे को कथित वित्तीय धोखाधड़ी में बदलने का मामला सामने आया है। वस्रापुर पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, तीन लोगों ने एक व्यक्ति के बहनोई से लोन और Credit Card दिलाने के नाम पर पहचान दस्तावेज हासिल किए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से करीब 15 Credit Cards लिए गए और उनका इस्तेमाल करीब ₹5 लाख के लेनदेन में किया गया। इसके अलावा बैंक खातों से भी करीब ₹18.98 लाख अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। शिकायत में कुल वित्तीय नुकसान ₹23.98 लाख बताया गया है।

शिकायतकर्ता गोधरा निवासी चिरागभाई प्रवीणभाई शुक्ला ने अपने बहनोई गुंजनभाई महेंद्रभाई भट्ट की ओर से पुलिस से शिकायत की है। आरोपियों की पहचान अपर्णासिंह, नंदकिशोर सिंह राजपूत और हितेनकुमार सुरेशकुमार शाह के रूप में हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कथित लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल दुकान से शुरू हुई पहचान

शिकायत के मुताबिक, गुंजनभाई की अपर्णासिंह से वर्ष 2018 से पहचान थी। वह घाटलोडिया में SBI Bank की गुलाब टावर शाखा के पास स्थित Samruddhi Mobile से मोबाइल खरीदने गए थे। वर्ष 2024 में हितेनकुमार शाह ने गुलाब टावर के सामने रत्न सागर कॉम्प्लेक्स में Yashika Mobile Shop शुरू की। आरोप है कि अपर्णासिंह भी इस दुकान पर अक्सर आता था।

समय के साथ गुंजनभाई की दोनों आरोपियों से पहचान बढ़ी और उनके बीच करीबी संबंध बन गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन तथा Credit Cards दिलाने में मदद करने की पेशकश की।

दस्तावेज लेकर बनवाए करीब 15 Credit Cards

आरोप है कि आवेदन और लोन प्रक्रिया पूरी करने के लिए गुंजनभाई से पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां ली गईं। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 से मई 2026 के बीच इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग बैंकों से करीब 15 Credit Cards हासिल किए गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये Credit Cards गुंजनभाई को सौंपने के बजाय आरोपियों के पास रहे। इनके जरिए करीब ₹5 लाख के लेनदेन किए गए। कथित तौर पर कुछ लेनदेन गुंजनभाई की जानकारी या सहमति के बिना हुए। बाद में जब उन्हें Credit Card Transactions की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित कार्डों को ब्लॉक करा दिया।

बैंक खातों से ₹18.98 लाख ट्रांसफर

मामले में बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कराने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर तत्काल पैसों की जरूरत बताकर गुंजनभाई से अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने के लिए कहा।

13 अप्रैल 2025 से 25 मई 2026 के बीच उनके SBI और HDFC Bank खातों से कई Transactions के जरिए करीब ₹18.98 लाख ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन रकमों को किन खातों में भेजा गया और बाद में उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

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मकान के बदले लिया ₹22.66 लाख का लोन

शिकायत में मकान को Mortgage रखकर लिए गए लोन का भी उल्लेख है। इसके अनुसार, गुंजनभाई ने Aditya Birla Capital Limited से ₹22.66 लाख का लोन लिया था। इसमें से ₹4.58 लाख Credit Card की किस्तों के भुगतान में इस्तेमाल हुए, जबकि करीब ₹17.01 लाख की रकम शेष रही।

आरोप है कि इस रकम में से ₹12.98 लाख गुंजनभाई के SBI खाते में जमा हुए और इसके बाद आरोपियों के कथित आग्रह पर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। पुलिस इस पूरे लेनदेन की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

₹23.98 लाख के कथित नुकसान की जांच

शिकायत के अनुसार, बैंक खातों से कथित तौर पर ट्रांसफर हुई ₹18.98 लाख और Credit Cards के जरिए किए गए करीब ₹5 लाख के लेनदेन को मिलाकर कुल नुकसान लगभग ₹23.98 लाख है।

पुलिस अब Bank Statements, Credit Card Applications, Transaction Records और रकम प्राप्त करने वाले खातों की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का यह भी पता लगाना है कि करीब 15 Credit Cards किस प्रक्रिया के तहत जारी हुए, आवेदन में कौन से दस्तावेज लगाए गए और कार्डों का इस्तेमाल वास्तव में किसने किया।

Money Trail से खुलेगा पूरा नेटवर्क

जांच का अहम हिस्सा कथित Money Trail को ट्रैक करना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गुंजनभाई के खातों से रकम जिन खातों में पहुंची, वहां से उसे आगे किन खातों में भेजा गया। साथ ही आरोपियों और संबंधित खातों के बीच वित्तीय संबंधों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी सत्यापित करेगी कि Credit Cards के आवेदन और उपयोग में आरोपियों की क्या भूमिका थी और क्या अन्य लोग भी इस कथित वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थे।

फिलहाल वस्रापुर पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की भूमिका, Credit Cards के कथित अनधिकृत इस्तेमाल और ₹18.98 लाख की रकम के पूरे Money Trail की जांच पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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