आदिलाबाद में रियल एस्टेट निवेश में बड़े मुनाफे का झांसा देकर 16 निवेशकों से ₹13.31 करोड़ की कथित ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

रियल एस्टेट निवेश में बड़े मुनाफे का झांसा, 16 निवेशकों से ₹13.31 करोड़ की कथित ठगी; दो गिरफ्तार

Team The420
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आदिलाबाद। रियल एस्टेट कारोबार में आकर्षक मुनाफे का लालच देकर 16 निवेशकों से कथित तौर पर ₹13.31 करोड़ की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान आदिलाबाद निवासी 30 वर्षीय बंदारी राकेश और 53 वर्षीय कुंतवार अच्युत रेड्डी के रूप में हुई है। मामले में एक अन्य आरोपी कुंतवार चंद्रकांत रेड्डी फरार बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को रियल एस्टेट परियोजनाओं और जमीन से जुड़े निवेश में बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए उन्हें कथित तौर पर छोटी-छोटी रकम मुनाफे के रूप में दी गई। इससे निवेशकों को योजना के लाभदायक होने का भरोसा हुआ और बाद में उनसे पहले की तुलना में बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहा गया।

आरोप है कि निवेशकों से रकम हासिल करने के बाद उन्हें वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं दिया गया। धीरे-धीरे निवेशकों को अपने पैसे और कथित मुनाफे की वापसी को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें कई निवेशकों के कथित तौर पर ठगे जाने की जानकारी सामने आई।

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मामले की शुरुआत शांतिनगर निवासी प्रवीण की शिकायत से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनसे करीब ₹1.40 करोड़ की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित निवेश धोखाधड़ी में अन्य लोगों के भी शामिल होने और बड़ी रकम जुटाए जाने की जानकारी मिली।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बंदारी राकेश और कुंतवार अच्युत रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों और संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई के दौरान दो लग्जरी वाहन और ऊंची कीमत वाले प्लॉट तथा आवासीय भूखंडों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने निवेशकों से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किन संपत्तियों या अन्य गतिविधियों में किया। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है, ताकि कथित ठगी की रकम के पूरे प्रवाह का पता लगाया जा सके।

जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना भी है कि मामले में कुल कितनी रकम शामिल है। पुलिस को आशंका है कि सामने आए 16 निवेशकों के अलावा अन्य लोग भी इसी तरह के निवेश प्रस्ताव के जरिए आरोपियों के संपर्क में आए हो सकते हैं। इसलिए संभावित पीड़ितों और संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

रियल एस्टेट निवेश के नाम पर होने वाली ऐसी धोखाधड़ी में शुरुआत में सीमित रकम का भुगतान कर निवेशकों का भरोसा जीतना एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है। इसके बाद अधिक रकम निवेश कराने के लिए ऊंचे रिटर्न का लालच दिया जाता है। निवेशकों के लिए किसी भी जमीन या रियल एस्टेट परियोजना में बड़ी रकम लगाने से पहले संबंधित संपत्ति के दस्तावेज, स्वामित्व, परियोजना की वैधता और निवेश योजना की शर्तों की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। वित्तीय लेनदेन की जांच, जब्त दस्तावेजों की पड़ताल और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित ठगी की वास्तविक रकम तथा पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी। फरार आरोपी की तलाश भी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल अन्य लोगों और कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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