NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में पटना की विशेष CBI अदालत ने 52 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और 1 अक्टूबर से साक्ष्य व गवाहों की पेशी शुरू होगी।

NEET-UG पेपर लीक केस में 52 आरोपियों पर आरोप तय, एक अक्टूबर से साक्ष्य और गवाहों की पेशी

Team The420
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पटना। नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में पटना की सीबीआई विशेष अदालत-2 में ट्रायल शुरू हो गया है। विशेष न्यायाधीश मो. रुस्तम की अदालत ने गुरुवार को मामले के 52 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अदालत ने दो आरोपियों का मामला अलग कर दिया है। अब एक अक्टूबर से सीबीआई को आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और गवाह पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस कदम के साथ मामले में सुनवाई का अगला चरण शुरू हो गया है।

सीबीआई ने इस मामले में कुल 54 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की जांच दिल्ली सीबीआई ने पूरी की है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक सत्यजीत अदालत में मौजूद रहे। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में संजीव मुखिया के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला। इसलिए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई।

ओएसिस स्कूल के प्राचार्य समेत कई आरोपी

विशेष अदालत ने झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्राचार्य डॉ. ऐहसानुल हक, उप प्राचार्य इम्तियाज आलम समेत 52 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। आरोप तय किए गए लोगों में नितीश कुमार, अखिलेश कुमार, सिकंदर यादवेंदु, आयुष कुमार उर्फ आयुष राज, अमित आनंद, आशुतोष कुमार, रौशन कुमार, मनीष प्रकाश, अवधेश कुमार, अनुराग यादव, अभिषेक कुमार, शिव नंदन कुमार, दिपेन्द्र शर्मा और संदीप कुमार समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।

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मामला नीट-यूजी 2024 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े कथित संगठित नेटवर्क की जांच से जुड़ा है। इस परीक्षा के लिए देशभर में करीब 24 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें लगभग 23 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा देश के 571 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 4,750 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक की जांच का दायरा काफी व्यापक रहा।

रेनॉल्ट कार से शुरू हुई पुलिस जांच

पेपर लीक मामले में शुरुआती प्राथमिकी पटना के शास्त्रीनगर थाने में गुप्त सूचना के आधार पर दर्ज की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह नीट-यूजी 2024 का प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की कथित कोशिश कर रहा है और उसके सदस्य रेनॉल्ट कार से परीक्षा केंद्रों के आसपास घूम रहे हैं।

पुलिस ने संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। उसमें सिकंदर यादवेंदु, अखिलेश कुमार और बिट्टू कुमार मौजूद थे। तलाशी के दौरान अभिषेक कुमार, शिवनंदन कुमार, आयुष राज और अनुराग यादव के प्रवेश पत्रों की फोटो कॉपी बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस ने सिकंदर यादवेंदु के पास से एक आईफोन और एक वनप्लस फोन भी बरामद किया था।

पूछताछ में सामने आए कथित नेटवर्क के नाम

पुलिस पूछताछ के दौरान यादवेंदु ने कथित तौर पर बताया कि संजीव सिंह, नितेश कुमार और अमित आनंद की मदद से नीट का प्रश्नपत्र लीक किया गया था। उसने यह भी बताया कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने वाले थे। इसके बाद तत्कालीन जांच में इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया गया और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस पुनाईचक स्थित डीएवी स्कूल पहुंची, जहां परीक्षा दे रहे आयुष राज को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आयुष राज ने कथित तौर पर बताया कि उसे नीट का प्रश्नपत्र लर्न बॉयज स्कूल और लर्न प्ले स्कूल में उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े कथित नेटवर्क के अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की गई।

अब अदालत में एक अक्टूबर से साक्ष्य और गवाह पेश किए जाएंगे। आरोप तय होने के बाद अभियोजन पक्ष को अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। इसके आधार पर अदालत आगे की सुनवाई करेगी और यह तय होगा कि आरोपों के समर्थन में पेश किए गए साक्ष्यों से अभियोजन का मामला किस स्तर तक स्थापित होता है।

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