हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में किसानों और व्यापारियों से फसल खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने के आरोप में पुलिस ने चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फसल खरीदने के बाद किसानों को भुगतान का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन रकम मांगने पर लगातार टालमटोल की गई। एक किसान की शिकायत में करीब ₹35 लाख की फसल का भुगतान नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इसी तरह संगरिया क्षेत्र के दर्जनों किसानों और व्यापारियों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
मामला 14 सितंबर 2026 को सामने आया, जब चक प्रतापनगर निवासी एक किसान ने संगरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, वह नई धानमंडी संगरिया स्थित एक फर्म पर लंबे समय से अपनी फसल बेचता था। आरोप है कि भरोसा कायम होने के बाद फर्म से जुड़े लोगों ने उससे करीब ₹35 लाख की फसल खरीद ली। फसल देने के बाद जब भुगतान मांगा गया तो आरोपी कथित तौर पर रकम देने के बजाय लगातार बाद में भुगतान करने का आश्वासन देते रहे।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को अन्य किसानों की फसल का भुगतान भी लंबित होने की जानकारी दी। शिकायत में एक किसान की ₹7 लाख, दूसरे की ₹15 लाख, तीसरे की ₹17 लाख और अन्य किसानों की करीब ₹5 लाख, ₹5 लाख, ₹3 लाख, ₹3 लाख और ₹11 लाख की फसल का भुगतान नहीं होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संगरिया शहर के दर्जनों किसानों और व्यापारियों से इसी तरह फसल खरीदकर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस फसल खरीद से जुड़े दस्तावेजों, बकाया भुगतान और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मानवीय और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में फसल खरीद, भुगतान और अन्य कारोबार से जुड़े लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर कितने किसानों और व्यापारियों से फसल खरीदी गई और कुल कितनी रकम का भुगतान लंबित है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शिकायत में सामने आई रकम के अलावा अन्य किसानों की कितनी राशि फंसी हुई है और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, चारों गिरफ्तार आरोपी संगरिया के वार्ड नंबर 26 के निवासी हैं। जांच के दौरान उनके कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और फसल खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में कथित धोखाधड़ी की वास्तविक रकम और अन्य संबंधित तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस का अनुसंधान जारी है। किसानों और व्यापारियों से जुड़े भुगतान रिकॉर्ड, फसल खरीद के दस्तावेज और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
