₹3.20 लाख में नौकरी दिलाने की कथित डील के दौरान कार्रवाई; निर्माणाधीन एम्स में भर्ती का झांसा देकर युवाओं से रकम मांगने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने का आरोप, नेटवर्क की जांच जारी

एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच गिरफ्तार; ₹2 लाख नकद और दो फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद

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By Roopa
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ऋषिकेश। निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ऋषिकेश पुलिस ने मामले में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह युवाओं को एम्स किच्छा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये मांग रहा था और इसके लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹2 लाख नकद और एमटीएस पद से संबंधित दो संदिग्ध नियुक्ति पत्र बरामद किए हैं।

मामला उस समय सामने आया जब एम्स ऋषिकेश प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रकम वसूल रहे हैं। शिकायतों में यह भी बताया गया था कि अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाने के लिए संस्थान के नाम और पद से जुड़े फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने संस्थान प्रशासन के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान बैराज रोड पर कथित तौर पर नौकरी के लिए ₹3.20 लाख के लेनदेन की बातचीत चल रही थी। इसी दौरान संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर पांच लोगों को पकड़ लिया। मामले में एम्स प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से रकम ली थी। जांच में यह भी पता चला कि कथित तौर पर इसमें से ₹2.40 लाख की रकम दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाई गई थी। नौकरी पाने के लिए रकम देने वाले एक अभ्यर्थी ने संबंधित लोगों से संपर्क कराया था। जांच में एक निजी प्रतिष्ठान के प्रबंधकीय स्तर से जुड़े व्यक्ति की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए पुलिस दस्तावेजों, लेनदेन और आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

कार्रवाई के दौरान बरामद ₹2 लाख नकद 500-500 रुपये के 400 नोटों में था। रकम को पीले लिफाफे में रखा गया था। इसके अलावा एम्स किच्छा में एमटीएस पद से संबंधित दो नियुक्ति पत्र भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। इन दस्तावेजों की वास्तविकता और इन्हें तैयार करने में इस्तेमाल किए गए साधनों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नौकरी के नाम पर कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया था और उनसे कितनी रकम ली गई। इसके साथ ही कथित फर्जी नियुक्ति पत्रों की संख्या, उन्हें तैयार करने वाले लोगों और रकम के लेनदेन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि क्या आरोपियों ने एम्स या किसी अन्य सरकारी संस्थान के नाम, पद और भर्ती प्रक्रिया का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की गई है।

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