तिरुचिरापल्ली/चेन्नई। चेन्नई सिटी पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने बुधवार को निजी स्कूलों से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी से जुड़े तिरुचिरापल्ली और चेन्नई के चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इनमें तिरुचिरापल्ली के थेन्नूर अन्ना नगर स्थित उनका आवास भी शामिल है।
तलाशी की कार्रवाई पोय्यामोझी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद की गई। जांच एजेंसियां उन आरोपों की पड़ताल कर रही हैं, जिनमें निजी स्कूल प्रबंधन से स्कूलों के उन्नयन, स्थायी मान्यता और भवन योजना की मंजूरी समेत विभिन्न सरकारी अनुमोदन दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप है। पुलिस ने पोय्यामोझी के सहयोगी से जुड़े दो ठिकानों पर भी तलाशी ली।
मामला एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ चल रही जांच के दौरान सामने आया, जिस पर एक अपंजीकृत संगठन के माध्यम से निजी स्कूल प्रबंधन से बड़ी रकम लेने का आरोप है। केंद्रीय अपराध शाखा ने जून में उसे गिरफ्तार किया था। आरोप है कि स्कूलों से सरकारी मंजूरी और अन्य अनुमति दिलाने का भरोसा देकर रकम वसूली गई।
पुलिस जांच के अनुसार, कथित फर्जीवाड़े में निजी स्कूलों से कई करोड़ रुपये की रकम एकत्र किए जाने का मामला सामने आया है। जांचकर्ता अब तक 177 निजी स्कूलों से संबंधित मामलों की पड़ताल कर चुके हैं और 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। स्कूल शिक्षा विभाग और उसके विभिन्न कार्यालयों से जुड़े सरकारी अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है। इस दौरान कई सरकारी दस्तावेज जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं।
जांच में आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। शिकायतें मिलने के बाद मामले से जुड़े कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। कई खातों में हुए लेनदेन का सत्यापन कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम का प्रवाह निजी स्कूल प्रबंधन से कथित तौर पर वसूली गई राशि से जुड़ा है या नहीं।
इस मामले में इससे पहले भी आरोपियों के आवास, कार्यालयों, निजी स्कूलों और चेन्नई स्थित स्कूल शिक्षा निदेशालय परिसर समेत विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली जा चुकी है। इन कार्रवाइयों के दौरान निजी स्कूलों से जुड़े दस्तावेज, सरकारी कार्यालयों को भेजे गए आवेदन और याचिकाएं, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे। जांचकर्ता इन सामग्रियों के आधार पर मामले से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने में जुटे हैं।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और सरकारी दस्तावेज सामने आने के बाद उस समय स्कूल शिक्षा मंत्री रहे पोय्यामोझी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जांच में जुटाई गई सामग्री के आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया और इसके बाद उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई।
जांच अभी जारी है। अधिकारी बरामद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर कथित धन प्रवाह और निजी स्कूलों की मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटे हैं।
तलाशी की कार्रवाई पर डीएमके की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और आरोप लगाया कि तलाशी का उद्देश्य राज्य के अन्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी कानूनी तरीके से कार्रवाई का सामना करेगी। ये राजनीतिक आरोप हैं और मूल धोखाधड़ी मामले की जांच अभी जारी है।
डीएमके के एक अन्य वरिष्ठ नेता के.एन. नेहरू ने भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार पूर्व डीएमके मंत्रियों और नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी अदालत का रुख करेगी और अपने नेताओं का पक्ष कानूनी रूप से रखेगी।
पुलिस अब बुधवार की तलाशी में बरामद सामग्री को पहले जुटाए गए साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है। जांच के दौरान कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी, सरकारी अधिकारियों या बिचौलियों की संभावित भूमिका और मामले से जुड़े अन्य लोगों या संस्थानों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।
