कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कथित निवेश धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में कोलकाता और मध्य प्रदेश के इंदौर में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अमृत समूह की कंपनियों और उसके प्रवर्तकों से जुड़े परिसरों पर की गई।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई कार्रवाई में दोनों शहरों में करीब 17 परिसरों की तलाशी ली गई। जांच एजेंसी निवेशकों से कथित तौर पर जुटाई गई रकम और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अमृत समूह की कंपनियों और उनके निदेशकों पर विभिन्न जमा योजनाओं के नाम पर आम लोगों से रकम जुटाने का आरोप है। कथित तौर पर निवेशकों को उनकी जमा रकम पर ऊंचा रिटर्न देने का वादा किया गया था। हालांकि, आरोप है कि बाद में वादा किया गया रिटर्न नहीं चुकाया गया और निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ईडी की कार्रवाई कथित निवेश धोखाधड़ी से हासिल रकम के स्रोत, उसके इस्तेमाल और संभावित धनशोधन की जांच का हिस्सा है। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कंपनियों और प्रवर्तकों से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जमा योजनाओं के जरिए जुटाई गई रकम किन खातों में पहुंची और उसका आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया। संभावित लाभार्थियों तथा कंपनियों और व्यक्तियों के बीच वित्तीय संबंधों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों शहरों में की गई कार्रवाई से जुड़े परिसरों का संबंध अमृत समूह की कंपनियों और उसके प्रवर्तकों से बताया गया है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले में समूह की कंपनियों या उनके प्रवर्तकों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है और तलाशी से मिले दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री के विश्लेषण के बाद कथित निवेश धोखाधड़ी और धनशोधन से जुड़े मामलों में आगे कार्रवाई की जा सकती है।
