लुधियाना। लुधियाना सेंट्रल जेल में तैनात अतिरिक्त जेल अधीक्षक पर जीएसटी धोखाधड़ी के मामलों में बंद 11 विचाराधीन कैदियों से कथित तौर पर रिश्वत लेकर उन्हें बेहतर सुविधाओं वाली बैरकों में स्थानांतरित करने का आरोप लगा है। आरोप है कि अधिकारी ने प्रत्येक कैदी से ₹2 लाख से ₹4 लाख तक नकद लिए। मामले में विभागीय जांच के बाद अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आरोपों के अनुसार, जेल अधिकारी ने सामान्य वार्ड में बंद विचाराधीन कैदियों को अपेक्षाकृत बेहतर सुविधाओं वाली बैरकों में स्थानांतरित करने के बदले रकम ली। शिकायत में सभी 11 कैदियों के नाम और उनके द्वारा कथित तौर पर दी गई अलग-अलग रकम का विवरण दर्ज होने की बात सामने आई है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 8 तथा जेल अधिनियम की धारा 52-ए के तहत कार्रवाई की गई है। जेल विभाग की ओर से शिकायत दर्ज किए जाने के बाद मामले की औपचारिक जांच कराई गई। जांच के निष्कर्षों के आधार पर निलंबन आदेश जारी किया गया।
निलंबन आदेश में आरोपों की गंभीरता और प्रस्तावित अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देते हुए अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की भी पुष्टि की गई है। हालांकि, अधिकारियों ने जांच की स्थिति और अन्य विवरणों पर विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया है।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, शिकायत में सभी 11 विचाराधीन कैदियों को नामजद किया गया है और प्रत्येक से कथित तौर पर ली गई रकम का अलग-अलग उल्लेख है। आरोपी जेल अधिकारी से उसका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका फोन बंद मिला।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
लुधियाना सेंट्रल जेल में भ्रष्टाचार और अनुशासन संबंधी शिकायतों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जेल में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने, कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही और कैदियों को कथित तौर पर अनुचित सुविधाएं मिलने से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं।
1 जुलाई 2025 को इसी जेल के एक उप जेल अधीक्षक को लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और बुलाए जाने के बावजूद मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं होने के आरोप में निलंबित किया गया था। इसी अवधि में एक अन्य उप जेल अधीक्षक पर अनुशासनहीनता, अनधिकृत छुट्टियां मंजूर करने और आधिकारिक पहचान दस्तावेज गलत तरीके से जारी करने के आरोप में कार्रवाई की गई थी।
जेल के एक वार्डर को परिसर के भीतर 60 ग्राम गांजा ले जाने के आरोप में भी निलंबित किया गया था। इससे पहले 26 जून 2021 को जेल के एक सहायक जेल अधीक्षक, मुख्य वार्डर और वार्डर को कैदियों के बैरक में हुक्का पीने का वीडियो सामने आने के बाद निलंबित किया गया था। उस समय सेल प्रभारी अधिकारी का भी तबादला किया गया था।
जनवरी 2024 में जेल के भीतर 10 से 15 कैदियों द्वारा जन्मदिन की पार्टी आयोजित किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद भी जेल प्रशासन सवालों के घेरे में आया था। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद हुई जांच में कथित तौर पर जेल के भीतर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए रिश्वत लेने का मामला सामने आया था। इसके बाद दो उप जेल अधीक्षकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
ताजा मामले में जांच एजेंसियां कथित नकद लेनदेन, 11 विचाराधीन कैदियों की भूमिका और जेल में बैरक बदलने की प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही हैं। विभागीय जांच और आपराधिक मामले के आगे बढ़ने के साथ आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।
