बड़ौत। उत्तर प्रदेश के बड़ौत में ई-कॉमर्स डिलीवरी गोदाम में कीमती सामान की कथित अदला-बदली कर गबन करने का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि गोदाम में डिलीवरी के लिए पहुंचने वाले पैकेटों को खोलकर उनमें मौजूद आईफोन, महंगे ईयरबड्स, जूते, कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान निकाल लिया जाता था। इसके बाद डिब्बों में साबुन, कॉस्मेटिक सामान, भूसा और फोम के टुकड़े भरकर पैकेट दोबारा पैक किए जाते और कंपनी को वापस भेज दिए जाते थे। शुरुआती आंतरिक जांच में करीब 77 लाख रुपये के सामान के गबन का खुलासा हुआ है।
मामले में इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर रामभवन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर करीब डेढ़ साल तक गोदाम की व्यवस्था का फायदा उठाकर महंगे सामान को रास्ते में ही बदलने का सिलसिला चलाया।
जांच में सामने आया कि एप्पल के करीब 60 मोबाइल फोन के पैकेटों से कथित तौर पर असली मोबाइल निकाल लिए गए। उनकी जगह साबुन की टिकिया और कॉस्मेटिक सामान रखकर पैकेटों को उसी तरह पैक कर दिया गया। इसी तरह महंगे जूतों के डिब्बों में असली जूतों की जगह भूसा और फोम के टुकड़े भर दिए जाते थे। महंगे ईयरबड्स और दूसरे छोटे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की जगह नेल पॉलिश या अन्य सस्ता सामान रखकर पैकेट तैयार किए जाने का भी आरोप है।
मामले की गंभीरता तब सामने आई जब ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को डिलीवरी के बाद पैकेट खोलने पर उनके ऑर्डर से अलग सामान मिला। जिन लोगों ने आईफोन, महंगे ईयरबड्स, जूते, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कैमरे मंगाए थे, उनमें से कई को पैकेट के अंदर कॉस्मेटिक सामान या अन्य सस्ती वस्तुएं मिलीं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद डिलीवरी प्रक्रिया और गोदाम में सामान की हैंडलिंग पर संदेह गहराया।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
इसके बाद कंपनी स्तर पर की गई जांच में पैकेटों के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सामान बदलने के बाद निकाले गए महंगे उत्पादों को कहां और किस माध्यम से बेचा या खपाया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित गड़बड़ी में केवल नामजद पांच लोग शामिल थे या गोदाम और डिलीवरी व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों की भी भूमिका थी।
प्रारंभिक जांच में करीब 77 लाख रुपये के सामान के गबन का अनुमान लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर नुकसान की वास्तविक रकम बढ़ सकती है। अधिकारियों को आशंका है कि लंबे समय तक यह खेल चलने के कारण गबन की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस पैकेटों की आवाजाही, गोदाम में उनकी हैंडलिंग और उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
