तिरुवनंतपुरम। केरल स्टेट प्लानिंग बोर्ड की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के चार सदस्यों से पूछताछ के मुद्दे पर आकर अटक गई है। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने चारों सदस्यों को क्राइम ब्रांच मुख्यालय में उपस्थित होने का नोटिस दिया था, लेकिन सदस्यों ने वहां जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने पद और प्राप्त विशेष संरक्षण का हवाला देते हुए PSC मुख्यालय में ही पूछताछ किए जाने की मांग की है। क्राइम ब्रांच ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
जांच एजेंसी अब सोमवार को PSC को पत्र भेजकर अपना रुख स्पष्ट करेगी। पत्र के जरिए आयोग को बताया जाएगा कि क्राइम ब्रांच सदस्यों से पूछताछ के लिए PSC मुख्यालय नहीं जाएगी। इसके साथ ही चारों सदस्यों की पूछताछ की प्रक्रिया को लेकर बना गतिरोध और गहरा गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोग और जांच एजेंसी के बीच इस मामले में आगे किस तरह का रास्ता निकाला जाता है।
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मामले को लेकर PSC की सोमवार को बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में क्राइम ब्रांच की ओर से भेजे गए नोटिस, सदस्यों की आपत्ति और जांच एजेंसी के रुख पर चर्चा होगी। सदस्यों को प्राप्त कानूनी संरक्षण के साथ-साथ पूछताछ की प्रक्रिया और जांच में सहयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा सकता है। आयोग इस बात पर भी चर्चा कर सकता है कि जांच एजेंसी के नोटिस के जवाब में किस तरह की औपचारिक कार्रवाई की जाए।
प्लानिंग बोर्ड के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद मामला जांच के दायरे में आया था। शिकायतों और प्रारंभिक जांच में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित गड़बड़ियों की जानकारी सामने आई। आरोप है कि कुछ उत्तरों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया। इससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठे।
जांच आगे बढ़ने के साथ अब परीक्षा के संचालन और उससे जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में SIT ने PSC के चार सदस्यों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि परीक्षा प्रक्रिया में क्या हुआ और कथित अनियमितताओं के संबंध में सदस्यों की क्या भूमिका या जानकारी थी।
हालांकि, PSC सदस्यों ने क्राइम ब्रांच मुख्यालय में उपस्थित होकर पूछताछ कराने पर सहमति नहीं जताई। उनका तर्क है कि संवैधानिक संस्था के सदस्यों को प्राप्त विशेष संरक्षण को देखते हुए पूछताछ का स्थान आयोग का मुख्यालय होना चाहिए। इसी मांग के कारण जांच प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
क्राइम ब्रांच ने PSC मुख्यालय में जाकर पूछताछ करने के विकल्प को खारिज कर दिया है। जांच एजेंसी का फैसला मामले की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार को आयोग को भेजे जाने वाले पत्र में क्राइम ब्रांच अपने रुख को औपचारिक रूप से स्पष्ट करेगी। इसके बाद PSC को यह तय करना होगा कि वह नोटिस के संबंध में क्या कदम उठाता है और अपने सदस्यों की ओर से जांच में किस तरह सहयोग किया जाता है।
इस बीच, PSC की बैठक में कानूनी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। सदस्यों से पूछताछ के लिए लागू प्रक्रिया, उनके पद से जुड़े संरक्षण और जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। जरूरत पड़ने पर आयोग इस संबंध में कानूनी राय भी ले सकता है।
प्लानिंग बोर्ड परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। चार PSC सदस्यों से पूछताछ का मुद्दा अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। क्राइम ब्रांच और PSC के बीच पूछताछ के स्थान को लेकर बनी असहमति दूर होती है या नहीं, इससे आगे की जांच की गति भी प्रभावित हो सकती है।
