गोरखपुर। सरहरी क्षेत्र में एक नाबालिग के बैंक खाते से ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करीब ₹17 लाख हड़पने का मामला सामने आया है। बैजनाथपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी सुरेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि सुरेश ने 13 वर्षीय बच्चे की कम उम्र और नासमझी का फायदा उठाकर उसे ऑनलाइन गेम में पैसे लगाने के लिए बहलाया-फुसलाया और उसके बैंक खाते से बड़ी रकम निकलवा ली।
शिकायत के मुताबिक, नाबालिग के बैंक खाते में उसकी शादी के लिए करीब ₹10 लाख जमा थे। यह रकम परिवार ने भविष्य की जरूरत के लिए रखी थी। आरोप है कि आरोपी ने बच्चे को ऑनलाइन गेम खेलने और उसमें पैसे लगाने के लिए उकसाया। इसके बाद बच्चे के खाते से यूपीआई के माध्यम से गेम में रकम लगाई गई। कुछ रकम एटीएम समेत अन्य माध्यमों से भी निकाले जाने का आरोप है।
परिजनों का कहना है कि नाबालिग के साथ उसकी मां के बैंक खाते को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। मां के खाते में जमीन बेचने से मिली करीब ₹7 लाख की रकम जमा थी। आरोप है कि इस खाते से भी रकम निकाल ली गई। इस तरह दोनों खातों से करीब ₹17 लाख की राशि के कथित तौर पर हड़पे जाने की बात शिकायत में कही गई है।
Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise
परिवार को जब बैंक खातों से रकम निकलने की जानकारी हुई तो उन्होंने मामले की पड़ताल की। इसके बाद आरोपी पर बच्चे को अपने प्रभाव में लेकर ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर पैसे खर्च कराने और बैंक खातों से रकम निकलवाने का आरोप लगाया गया। परिजनों के मुताबिक, बच्चे की उम्र कम होने के कारण वह ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े लेनदेन और उसके वित्तीय जोखिम को समझ नहीं सका।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने जानबूझकर नाबालिग की इसी स्थिति का फायदा उठाया। परिवार ने पुलिस से बैंक खातों से हुए सभी लेनदेन की जांच कराने, ऑनलाइन गेमिंग के जरिए रकम कहां भेजी गई इसकी जानकारी जुटाने और आरोपों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक खातों से हुए यूपीआई लेनदेन, एटीएम से निकाली गई रकम और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े भुगतान की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किस खाते या मंच पर पहुंची और उसे आगे कहां इस्तेमाल किया गया।
मामले में यह भी जांच की जा रही है कि नाबालिग से जुड़े बैंक खातों की जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची और रकम निकलवाने में उसकी क्या भूमिका रही। पुलिस लेनदेन के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
परिवार ने पुलिस से कथित तौर पर निकाली गई करीब ₹17 लाख की रकम वापस दिलाने की भी मांग की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से रकम निकालने और ऑनलाइन गेमिंग में लगाने की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित हुई तथा इसमें आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
