बांदा में Telegram पर घर बैठे काम और कमाई का झांसा देकर युवक से ₹5.46 लाख की साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ है।

घर बैठे कमाई का झांसा, टेलीग्राम पर युवक से ₹5.46 लाख की ठगी; कंपनी के नाम से रचा साइबर जाल

Team The420
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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा में घर बैठे काम और कमाई का झांसा देकर एक युवक से ₹5.46 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपितों ने टेलीग्राम के जरिए युवक से संपर्क किया और एक निजी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर उसे ऑनलाइन काम का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में कुछ काम कराने के बाद उसके खाते में रकम भेजी गई, जिससे युवक को इस पूरे प्रस्ताव पर भरोसा हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग चरणों में उससे लाखों रुपये जमा करा लिए।

कोतवाली नगर क्षेत्र के गूलरनाका निवासी अनंत निगम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनसे टेलीग्राम पर ‘STOCKIEFY SERVICES PRIVATE LIMITED’ के नाम से संपर्क किया गया था। आरोपितों ने उन्हें घर से काम करने और उसके बदले कमाई का भरोसा दिया। शुरुआती चरण में युवक को कुछ कार्य सौंपे गए और काम पूरा करने के बाद उसके खाते में कुछ रकम भी भेजी गई। इससे उसे लगा कि सामने मौजूद लोग वास्तविक कंपनी से जुड़े हैं।

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इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपितों ने बाद में युवक को अधिक रकम जमा करने के लिए तैयार किया। शिकायत के मुताबिक, अलग-अलग बैंक खातों में उससे कुल ₹5 लाख 46 हजार जमा करा लिए गए। रकम कई खातों में भेजी गई। इनमें से एक बैंक खाता अमित यादव के नाम पर होने की जानकारी शिकायत में सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं और ठगी की रकम आगे किन खातों में भेजी गई।

भरोसा जीतने के बाद बढ़ाई रकम की मांग

इस तरह की ऑनलाइन ठगी में साइबर अपराधी अक्सर शुरुआत में पीड़ित को छोटे काम देकर या शुरुआती भुगतान करके भरोसा कायम करते हैं। इसके बाद अधिक लाभ, कमीशन या काम पूरा करने के नाम पर बड़ी रकम जमा कराने का दबाव बनाया जाता है। बांदा के इस मामले में भी शिकायत के अनुसार पहले युवक को काम दिया गया और भुगतान किया गया, जिसके बाद उससे लगातार अलग-अलग खातों में रकम भेजने को कहा गया।

पीड़ित को जब तक पूरे मामले का संदेह हुआ, तब तक वह लाखों रुपये ट्रांसफर कर चुका था। ठगी का एहसास होने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत में रकम भेजे जाने वाले बैंक खातों और टेलीग्राम के जरिए हुए संपर्क से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।

BNS की धाराओं में केस दर्ज

अनंत निगम की शिकायत पर कोतवाली नगर थाने में 8 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी संख्या 0448/2026 दर्ज की गई है।

जांच में पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन, रकम प्राप्त करने वाले व्यक्तियों और टेलीग्राम पर संपर्क करने वाले आरोपितों की पहचान की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि ‘STOCKIEFY SERVICES PRIVATE LIMITED’ के नाम का इस्तेमाल वास्तविक रूप से किसी कंपनी की ओर से किया गया था या ठगी के लिए कंपनी की पहचान का दुरुपयोग किया गया।

जांच एजेंसी साइबर ठगी की रकम के पूरे लेनदेन की कड़ियां जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। बैंक खातों की जानकारी और डिजिटल संपर्क के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

ऑनलाइन नौकरी या घर बैठे कमाई के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रकम जमा करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी कंपनी के नाम से टेलीग्राम या अन्य संदेश मंच पर संपर्क होने पर उसके आधिकारिक विवरण और पंजीकरण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए। नौकरी या कमाई दिलाने के नाम पर पहले पैसे जमा कराने की मांग होने पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करना भी महत्वपूर्ण है।

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