दिल्ली एयरपोर्ट पर बाढ़ जैसे हालात दिखाने वाली कथित भ्रामक तस्वीरें और वीडियो फैलाने के आरोप में 63 सोशल मीडिया हैंडल पर FIR दर्ज हुई है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर बाढ़ की फर्जी तस्वीरें फैलाने वालों पर शिकंजा, 63 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ FIR

Team The420
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नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जलभराव को लेकर कथित भ्रामक तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने 63 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ दिल्ली पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि इन हैंडल से ऐसे पोस्ट और वीडियो साझा किए गए, जिनमें एयरपोर्ट पर बाढ़ जैसे हालात दिखाकर दावा किया गया कि भारी जलभराव के कारण हवाईअड्डे का संचालन बाधित हो गया था।

हवाईअड्डा संचालक के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई सामग्री में से कुछ का दिल्ली एयरपोर्ट की वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं था। जांच के दौरान एक ऐसा वीडियो भी सामने आया, जिसमें दुबई एयरपोर्ट पर जलभराव दिख रहा था, लेकिन उसे दिल्ली एयरपोर्ट का वीडियो बताकर प्रसारित किया गया। इससे यात्रियों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ने की आशंका जताई गई है।

मामले की पृष्ठभूमि में 4 सितंबर को दिल्ली में हुई भारी बारिश है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के आगमन क्षेत्र के बाहर कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ था। संचालक के अनुसार, उस दिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच करीब 72.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए पानी जमा हुआ, लेकिन एयरपोर्ट की टीमों ने करीब 20 मिनट में स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

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संचालक का दावा है कि जलभराव की इस अस्थायी स्थिति के बावजूद उड़ानों और एयरपोर्ट की अन्य परिचालन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा। निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत परिचालन जारी रहा। कंपनी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को वास्तविक स्थिति से अलग बताते हुए कहा कि ऐसे पोस्ट से यात्रियों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है।

मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद अब पुलिस संबंधित सोशल मीडिया हैंडल, पोस्ट और वीडियो की जांच कर सकती है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह होगा कि कथित भ्रामक सामग्री किसने तैयार की, उसे सबसे पहले किस खाते से प्रसारित किया गया और बाद में किन खातों ने उसे साझा किया। पुराने वीडियो या दूसरे स्थान की तस्वीरों को दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़कर प्रसारित किए जाने की स्थिति में डिजिटल स्रोतों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता से जुड़ी सेवाओं के बारे में गलत जानकारी फैलाने से यात्रियों के निर्णय प्रभावित हो सकते हैं। विशेष रूप से विमान यात्रा जैसी समयबद्ध सेवा में गलत सूचना के कारण यात्री उड़ान की स्थिति, पहुंचने के समय और यात्रा की योजना को लेकर गलत निर्णय ले सकते हैं।

संचालक ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट की स्थिति और उड़ानों से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी वीडियो या तस्वीर को सत्यापित किए बिना साझा करने से बचने को भी कहा गया है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बारिश, जलभराव और परिवहन व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होते हैं। किसी पुराने वीडियो को नई घटना से जोड़कर पेश करना या दूसरे शहर की तस्वीर को स्थानीय घटना का बताना लोगों के बीच गलत धारणा पैदा कर सकता है। 63 हैंडल के खिलाफ प्राथमिकी के बाद अब जांच का केंद्र यह पता लगाना होगा कि कथित भ्रामक सामग्री के पीछे सिर्फ लापरवाही थी या इसके पीछे किसी तरह की सुनियोजित गतिविधि भी थी।

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