गिरती बिक्री, अमेरिकी टैरिफ और साइबर हमले का दबाव; Jaguar Land Rover स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पर कर रही विचार, संगठन को सरल बनाने और लागत घटाने की तैयारी

टाटा मोटर्स की JLR में 4,000 नौकरियों पर संकट, दो साल में ₹2 लाख करोड़ बचत का लक्ष्य

Roopa
By Roopa
5 Min Read

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लग्जरी कार निर्माता Jaguar Land Rover (JLR) में करीब 4,000 नौकरियां कम किए जाने की तैयारी की खबर सामने आई है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अगले दो वर्षों में कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का कार्यक्रम शुरू कर सकती है। इस कदम के जरिए JLR का लक्ष्य लागत कम करना, संगठन को अधिक सरल बनाना और बदलती वैश्विक बाजार परिस्थितियों के अनुरूप कारोबार को मजबूत करना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को अगले दो वर्षों में करीब 1.7 अरब पाउंड यानी लगभग ₹2 लाख करोड़ की बचत करनी है। इसी लागत-कटौती योजना के तहत करीब 4,000 नौकरियां कम करने का प्रस्ताव सामने आया है। कंपनी इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा जल्द कर सकती है। कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन से जुड़े प्रतिनिधियों को प्रस्तावित स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना के बारे में जानकारी दिए जाने की बात भी सामने आई है।

वेतनभोगी कर्मचारियों और प्रबंधन को मिलेगा विकल्प

JLR के प्रस्तावित कार्यक्रम में वेतन पाने वाले कर्मचारियों और प्रबंधन स्तर के सदस्यों को कंपनी छोड़ने का अवसर दिया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि वह इस संबंध में आगे की जानकारी पहले अपने कर्मचारियों के साथ साझा करेगी।

कंपनी के अनुसार, पुनर्गठन का उद्देश्य संगठन को सरल बनाना, कामकाज की दक्षता बढ़ाना और कारोबार को अधिक मजबूत स्थिति में लाना है। यह योजना जबरन बड़े पैमाने पर छंटनी के बजाय स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के विकल्प पर केंद्रित बताई जा रही है।

₹2 लाख करोड़ की बचत का दबाव

JLR ने अगले दो वर्षों में करीब 1.7 अरब पाउंड यानी लगभग ₹2 लाख करोड़ की बचत का लक्ष्य रखा है। कंपनी वैश्विक बाजार में बदलती परिस्थितियों के बीच अपने कारोबार की लागत संरचना को बेहतर करने पर काम कर रही है।

कंपनी के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में उसने अपने विभिन्न ब्रांडों को मजबूत करने और अगली पीढ़ी के लिए उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव करने पर ध्यान दिया है। अब वह अपनी रणनीति के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। कंपनी का एक प्रमुख लक्ष्य लागत घटाने के साथ अपने कारोबार के ब्रेक-ईवन स्तर को करीब 3 लाख वाहनों तक लाना भी है।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

बिक्री में गिरावट से बढ़ी चुनौती

JLR पर वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में कमजोर मांग और कठिन कारोबारी परिस्थितियों का दबाव है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी पी बी बालाजी ने पिछले साल जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह टाटा मोटर्स में वित्त प्रमुख की भूमिका निभा चुके थे।

उन्होंने ऐसे समय में JLR की कमान संभाली जब कंपनी को बिक्री और राजस्व से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। जून 2026 तक की सबसे हालिया तिमाही में कंपनी के राजस्व में करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके अलावा पिछले साल हुए साइबर हमले ने भी कंपनी के उत्पादन और कारोबार को प्रभावित किया था।

अमेरिका के टैरिफ ने बढ़ाई मुश्किल

JLR के लिए अमेरिका एक महत्वपूर्ण बाजार है और ब्रिटेन से अमेरिका भेजी जाने वाली कारों पर लगाए गए 10% आयात शुल्क ने कंपनी की चुनौतियों को और बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली कारों पर यह शुल्क लागू किया गया है।

अमेरिकी बाजार में शुल्क बढ़ने से ब्रिटेन में निर्मित वाहनों की लागत और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर असर पड़ सकता है। ऐसे में JLR के लिए वैश्विक स्तर पर लागत घटाना और कारोबार को अधिक कुशल बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।

कंपनी की प्रस्तावित स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना को इसी व्यापक लागत-कटौती रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि योजना लागू होती है तो अगले दो वर्षों में करीब 4,000 पद कम हो सकते हैं। हालांकि, कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और कार्यक्रम की अंतिम शर्तों में बदलाव संभव है। कंपनी की आगे की घोषणा से ही पुनर्गठन की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article