एनसीएलटी से मंजूर संदिग्ध समाधान योजनाओं की पड़ताल के निर्देश; डिफॉल्ट करने वाले प्रवर्तकों द्वारा फ्रंट कंपनियों के जरिए संपत्तियां दोबारा हासिल करने और लेनदारों की वोटिंग में हेरफेर के आरोपों पर पीएमएलए के तहत कार्रवाई की तैयारी

क्रिप्टो ठगी से नशे के कारोबार तक, ईडी का बड़ा वार; चेन्नई समेत 4 शहरों में 17 ठिकानों पर छापेमारी

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By Roopa
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चेन्नई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े धनशोधन मामलों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने चेन्नई, कोयंबटूर, कोलकाता और नागपट्टिनम में कुल 17 परिसरों पर तलाशी ली। इनमें से 11 परिसरों की तलाशी हैशपे क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में और छह परिसरों की कार्रवाई कथित मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित रकम के धनशोधन मामले में की गई। दोनों मामलों में तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ईडी के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय-द्वितीय ने 1 सितंबर को चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पुडुचेरी साइबर अपराध पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई जांच से जुड़ी है। एजेंसी के अनुसार, जांच में कथित तौर पर एक फर्जी निवेश योजना का पता चला, जिसे क्रिप्टोकरेंसी कारोबार के मंच के रूप में पेश किया जा रहा था।

क्रिप्टो मंच के नाम पर निवेशकों को दिखाया मुनाफे का लालच

ईडी के मुताबिक, हितेश कुमार, इमरान बाशा और सैयद उस्मान ने कथित तौर पर एक फर्जी निवेश योजना तैयार की। इसमें निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से आकर्षक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके लिए टीसीएक्स नामक कथित टोकन को निवेश के साधन के रूप में प्रचारित किया गया।

जांच एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार कार्यक्रम, चर्चित हस्तियों के माध्यम से प्रचार और सामाजिक माध्यमों पर व्यापक अभियान चलाए गए। कथित योजना में टीसीएक्स टोकन का मूल्य कृत्रिम तरीके से बढ़ाया गया, जिससे निवेशकों को इसमें पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

ईडी के अनुसार, जब बड़ी संख्या में निवेशकों ने इस योजना में धन लगाना शुरू किया तो बाद में निकासी पर रोक लगा दी गई। एजेंसी का दावा है कि इस तरीके से निवेशकों से करीब ₹40 करोड़ जुटाए गए और फिर रकम को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों, सहयोगियों और रिश्तेदारों के माध्यम से अलग-अलग खातों तथा संस्थाओं में भेज दिया गया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया

इस मामले में बाशा और कुमार को 3 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद विशेष अदालत ने दोनों को पांच दिन की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी अब कथित निवेश योजना के संचालन, धन के लेनदेन, संबंधित कंपनियों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां-कहां भेजी गई और उससे किन लोगों या संस्थाओं को आर्थिक लाभ मिला। ईडी जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों के आधार पर कथित धनशोधन की पूरी कड़ी का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

मेथ और गांजा तस्करी की रकम से संपत्तियां खरीदने का आरोप

इसी दौरान ईडी के मदुरै उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 3 सितंबर को नागपट्टिनम में छह परिसरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई मेथामफेटामाइन और गांजा तस्करी से कथित तौर पर जुड़े धनशोधन मामले में की गई।

ईडी के अनुसार, एम. एलेक्स नामक व्यक्ति, जिसे एजेंसी ने बार-बार अपराध में शामिल रहने वाला बताया है, को अप्रैल 2025 में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने मेथामफेटामाइन के साथ पकड़ा था। इसके बाद मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित कथित रकम और उससे बनाई गई संपत्तियों की जांच शुरू हुई।

एजेंसी का आरोप है कि नशीले पदार्थों से अर्जित रकम को नागपट्टिनम, वेलांकन्नी और थलियामाडी क्षेत्रों में संपत्तियों, झींगा पालन केंद्रों और वाहनों में लगाया गया। तलाशी के दौरान इस कथित वित्तीय नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

ईडी दोनों मामलों में धन के स्रोत, लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। क्रिप्टो मामले में निवेशकों से कथित तौर पर जुटाई गई रकम और नशीले पदार्थों के मामले में अपराध से अर्जित धन को वैध संपत्तियों में लगाने के आरोपों की वित्तीय कड़ी खंगाली जा रही है।

दोनों मामलों में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं। ईडी की आगे की जांच के बाद कथित धनशोधन नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और संपत्तियों के संबंध में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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