गोरखपुर में NASA प्रोजेक्ट के नाम पर 100 गुना रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों की कथित ठगी मामले में आरोपी की पत्नी गिरफ्तार हुई है।

‘NASA प्रोजेक्ट’ में निवेश करो, 2 साल में 100 गुना पाओ… करोड़ों की ठगी में आरोपी की पत्नी गिरफ्तार

Team The420
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गोरखपुर। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA से जुड़ी कंपनी में निवेश कराने और महज दो साल में निवेश की रकम 100 गुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुकांता सुब्रत बनर्जी की पत्नी शालिनी नास्कर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शालिनी ने अपने पति और उसके साथियों के साथ मिलकर लोगों को कथित निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार किया। इस मामले में मुख्य आरोपी सुकांता बनर्जी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान दर्ज प्राथमिकी और सामने आए साक्ष्यों में शालिनी की भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित निवेश योजना के नाम पर कितने लोगों से रकम ली गई और करोड़ों रुपये की ठगी के बाद धन का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया।

NASA से जुड़ी परियोजना का दावा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों के सामने एक ऐसी परियोजना का प्रस्ताव रखा था, जिसे NASA से जुड़ी वैज्ञानिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय कारोबार से संबंधित बताया गया। निवेशकों को कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया कि उनकी रकम दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं और अंतरिक्ष उपकरणों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी परियोजना में लगाई जाएगी।

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लोगों का विश्वास जीतने के लिए NASA, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय रिजर्व बैंक और एक्सिस बैंक के कथित प्रमाण पत्र तथा लेटरहेड दिखाए जाने का आरोप है। इन दस्तावेजों के जरिए निवेश योजना को सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ा हुआ दिखाने की कोशिश की गई। इसके बाद निवेशकों को रकम लगाने के बदले दो साल में करीब 100 गुना मुनाफा मिलने का लालच दिया गया।

ठेकेदार से लिए ₹30 लाख

मामले में रामगढ़ताल क्षेत्र के बड़गो निवासी ठेकेदार विभव धर दूबे की शिकायत महत्वपूर्ण कड़ी बनी। शिकायत के अनुसार, अगस्त 2009 में उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी अमित कुमार नंदी और कोलकाता निवासी सुकांता बनर्जी से हुई थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, सुकांता ने खुद को NASA से संबद्ध वैज्ञानिक परियोजना का मुख्य समन्वयक बताया। उसने दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं और अंतरिक्ष उपकरणों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजना में निवेश का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान कथित प्रमाण पत्र और लेटरहेड दिखाकर योजना को भरोसेमंद बताया गया।

इसके बाद विभव धर दूबे ने योजना में ₹30 लाख का निवेश कर दिया। आरोप है कि यह रकम सुकांता बनर्जी, चंडीचरण अधिकारी और शालिनी नास्कर को दी गई थी। हालांकि, निवेश के बाद न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। इसके बाद ठेकेदार ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आई शालिनी की भूमिका

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों, दस्तावेजों और लेनदेन की जांच शुरू की। पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को शालिनी नास्कर की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली। पुलिस का आरोप है कि वह अपने पति और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों को योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार करती थी।

जांच में उसकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने कोलकाता से शालिनी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, उससे पूछताछ के जरिए गिरोह के दूसरे सदस्यों, निवेशकों से संपर्क के तरीके और रकम के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सुकांता की पत्नी शालिनी नास्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

पुलिस जांच में सुकांता बनर्जी के खिलाफ दर्ज कई पुराने मामलों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर में उसके खिलाफ तीन और देवरिया में पांच प्राथमिकियां दर्ज हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर और कोलकाता में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

लखनऊ के महानगर थाने में वर्ष 2019 में दर्ज कूटरचना के एक मामले में सुकांता पर ₹10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। इन पुराने मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अब उसके कथित नेटवर्क की गतिविधियों और अलग-अलग शहरों में बनाए गए संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।

फर्जी दस्तावेजों की भी जांच

जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि NASA, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय रिजर्व बैंक और एक्सिस बैंक के नाम से दिखाए गए दस्तावेज कहां से तैयार किए गए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कितने लोगों को निवेश के लिए राजी करने में किया गया।

इसके साथ ही पुलिस कथित निवेश योजना से जुड़े बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और आरोपियों के बीच वित्तीय संबंधों की जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपियों ने ठगी से जुटाई गई रकम को किन खातों में जमा किया और बाद में उसे किस तरह इस्तेमाल या स्थानांतरित किया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। शालिनी की गिरफ्तारी के बाद कथित नेटवर्क की कई अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से निवेश के नाम पर चलाए जा रहे इस कथित ठगी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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