ठाणे में सस्ते फ्लैट और शेयर बाजार में 12% मासिक रिटर्न का झांसा देकर बुजुर्ग और उनके परिचितों से कथित ठगी का मामला सामने आया है।

सस्ते फ्लैट और शेयर बाजार में 12% मुनाफे का झांसा, ठाणे के बुजुर्ग से ₹2.24 करोड़ समेत करीब ₹3 करोड़ की ठगी

Team The420
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ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे में सस्ते फ्लैट और शेयर बाजार में हर महीने 12 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर एक 64 वर्षीय व्यक्ति और उसके परिचितों से करीब ₹3 करोड़ की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ठाणे के नौपाड़ा इलाके में रहने वाले बुजुर्ग को भिवंडी के मनकोली में अपनी आवासीय परियोजना में कम कीमत पर फ्लैट उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने दावा किया कि फ्लैट की कीमत अपेक्षाकृत कम होगी और भुगतान आसान किस्तों में किया जा सकेगा। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश के जरिए हर महीने 12 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का भी भरोसा दिलाया।

इन दावों पर विश्वास करते हुए पीड़ित ने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम से कुल ₹2.24 करोड़ का निवेश कर दिया। पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपियों ने रकम लौटाने का सिलसिला शुरू किया, लेकिन कुल निवेश की तुलना में केवल ₹1.06 करोड़ ही वापस किए गए। इसके बाद शेष रकम लौटाने के बजाय कथित तौर पर आरोपियों ने पीड़ित के परिचितों को भी इसी तरीके से निवेश के लिए तैयार करना शुरू कर दिया।

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पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग के भरोसे और उनके परिचितों के साथ संबंधों का फायदा उठाकर आरोपियों ने अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसाया। इन लोगों से कथित तौर पर करीब ₹1.79 करोड़ की अतिरिक्त रकम ली गई। इस तरह पीड़ित और उसके परिचितों से ली गई कुल रकम करीब ₹4 करोड़ बैठती है, जबकि पुलिस के अनुसार मामले में कथित ठगी की राशि करीब ₹3 करोड़ बताई गई है। रकम के लेनदेन और वास्तविक नुकसान की विस्तृत जांच की जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद नौपाड़ा पुलिस ने 31 अगस्त को तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अब निवेश के नाम पर ली गई रकम, फ्लैट से जुड़े वादों, बैंक खातों और आरोपियों द्वारा किए गए लेनदेन की जांच कर रही है।

मामले में आरोपियों ने कथित तौर पर दो अलग-अलग तरह के भरोसे का इस्तेमाल किया। एक तरफ कम कीमत में घर और आसान किस्तों का वादा कर सुरक्षित निवेश का भरोसा पैदा किया गया, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार से असामान्य रूप से ऊंचे मासिक रिटर्न का लालच दिया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरीके से निवेश के लिए प्रेरित किया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में कुछ रकम वापस किए जाने से उनका भरोसा और मजबूत हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से भी रकम लगाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लौटाई गई ₹1.06 करोड़ की रकम वास्तव में निवेश से हुई किसी आय का हिस्सा थी या नए निवेशकों से प्राप्त रकम का इस्तेमाल पुराने निवेश की आंशिक वापसी के लिए किया गया।

जांच अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपियों की आवासीय परियोजना में वास्तव में फ्लैट उपलब्ध थे या नहीं और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां किया गया। पुलिस दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले की तस्वीर साफ करेगी।

पुलिस ने बताया कि मामले में अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपों की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में सामने आई रकम और लेनदेन के पूरे विवरण की जांच के बाद ही कथित ठगी की अंतिम राशि स्पष्ट हो सकेगी।

यह मामला एक बार फिर ऐसे निवेश प्रस्तावों को लेकर सावधानी की जरूरत को सामने लाता है, जिनमें कम कीमत पर संपत्ति और बेहद ऊंचे निश्चित रिटर्न का दावा किया जाता है। खास तौर पर किसी आवासीय परियोजना में बड़ी रकम लगाने या शेयर बाजार से निश्चित मासिक मुनाफे के वादे पर निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय दावों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

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