पुलिस की नजर से बचने के लिए शराब लदी गाड़ी में महिला को रिश्तेदार बनाकर बैठाने का खुलासा; करीब 70 लीटर विदेशी शराब बरामद, चालक समेत तीन गिरफ्तार

बिजली विभाग को चकमा देकर खड़ी कर दी ‘निजी डिस्कॉम’, 220 घरों में अवैध सप्लाई का खुलासा

Roopa
By Roopa
6 Min Read

नोएडा। बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान में नोएडा के हिंडन बाढ़ क्षेत्र में बिजली की समानांतर आपूर्ति का बड़ा मामला सामने आया है। बिजली विभाग की जांच में दो लोगों के ऐसे कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने नाम पर लिए गए भारी विद्युत भार का इस्तेमाल आगे सैकड़ों घरों में बिजली बांटने के लिए किया। निजी ट्रांसफॉर्मर, मीटर और तारों के जरिए तैयार इस अवैध व्यवस्था से करीब 220 घरों को बिजली दिए जाने का दावा किया गया है। विभाग ने दोनों के उपकरण जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

परथला खंजरपुर की राधा कुंज कॉलोनी निवासी रामपाल के नाम 196 KVA का अधिकृत विद्युत भार था। उसने यह कनेक्शन 21 अप्रैल 2012 को लिया था। विभाग के मुताबिक, इस कनेक्शन का मासिक बिजली बिल करीब ₹8.4 लाख आता था। जांच के दौरान टीम को पता चला कि रामपाल ने अपनी आपूर्ति से आगे निजी ट्रांसफॉर्मर लगाकर कॉलोनी के 100 से अधिक घरों को बिजली देने की व्यवस्था कर रखी थी।

इसी तरह परथला गांव निवासी छत्रू के पास 200 KVA का स्वीकृत विद्युत भार था। उसने 20 मार्च 2012 को यह कनेक्शन लिया था और उसका मासिक बिजली बिल करीब ₹3.8 लाख बताया गया है। बिजली विभाग की टीम ने जांच में पाया कि छत्रू भी अपने कनेक्शन से आगे करीब 120 उपभोक्ताओं को कथित तौर पर बिजली उपलब्ध करा रहा था।

कनेक्शन के नाम पर ₹300, बिजली के लिए ₹11 प्रति यूनिट

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों कथित अवैध वितरक उपभोक्ताओं से करीब ₹300 कनेक्शन शुल्क लेते थे। इसके अलावा बिजली की खपत के लिए लगभग ₹11 प्रति यूनिट वसूले जाने का आरोप है। यह दर अधिकृत वितरण कंपनी की करीब ₹7.50 प्रति यूनिट दर से काफी अधिक थी।

अधिकारियों के मुताबिक, किसी उपभोक्ता के नाम स्वीकृत विद्युत भार को दूसरे लोगों को आगे वितरित करना और उससे आर्थिक लाभ कमाना अधिकृत व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

जांच टीम ने दोनों स्थानों से तार, मीटर, ट्रांसफॉर्मर और बिजली वितरण में इस्तेमाल किए जा रहे अन्य उपकरण जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के पहुंचने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार बताए गए। विभाग अब उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इलाके में इसी तरह के अन्य समानांतर बिजली वितरण नेटवर्क भी संचालित हो रहे हैं।

चार दिन में 3,500 से ज्यादा अवैध कनेक्शन काटे

हिंडन बाढ़ क्षेत्र में बिजली चोरी और अनधिकृत कनेक्शनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पिछले चार दिनों में परथला, सदुल्लापुर, चोटपुर और छजारसी इलाकों में 3,500 से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। अभियान के दौरान 40 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 150 किलोवाट से अधिक बिजली चोरी का पता चला है।

बिजली विभाग के अनुसार, अवैध कनेक्शनों और बिजली चोरी के मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामला सेक्टर-63 स्थित बिजली चोरी निरोधक थाने में दर्ज कराया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बिजली उपलब्ध कराने के नाम पर स्थानीय लोगों से कथित वसूली और दबाव बनाने की शिकायतों की भी जांच की जा रही है।

Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions

बिजली कटने के बाद सड़कों पर उतरे लोग

अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई के बाद कई इलाकों में विरोध भी शुरू हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक बिजली आपूर्ति बंद होने से घरों में पानी की समस्या पैदा हो गई है और बच्चों व परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली की लाइनें काटने से पहले उन्हें पर्याप्त सूचना नहीं दी गई।

चोटपुर क्षेत्र के कुछ निवासियों ने कहा कि यदि उन्हें नियमों के तहत मीटर वाला वैध कनेक्शन दिया जाता है तो वे बिजली का बिल भुगतान करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से इलाके में बिजली की व्यवस्था चल रही थी और अचानक आपूर्ति बंद होने से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हुआ है।

बाढ़ क्षेत्र में नए कनेक्शन पर रोक

बिजली विभाग के मुताबिक, वर्ष 2010 के सरकारी आदेश के तहत हिंडन बाढ़ क्षेत्र में बिजली के नए कनेक्शन की अनुमति नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद इन इलाकों में अनधिकृत कनेक्शन और बिजली चोरी का नेटवर्क विकसित हो गया, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान हुआ।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का लक्ष्य केवल अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी है तथा वैध अधिकृत कनेक्शन काटने का कोई आदेश नहीं है। नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने भी मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। उन्होंने वैध कनेक्शनों को नहीं काटने और नियमों के तहत बिना बिजली वाले परिवारों के लिए मानवीय आधार पर अस्थायी व्यवस्था पर विचार करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बिजली चोरी से मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।

https://www.linkedin.com/company/policetechnology/

हमसे जुड़ें

Share This Article