CA समेत तीन और गिरफ्तार; 20 से ज्यादा राज्यों में 330 शिकायतों और 163 FIR से जुड़े खातों में ₹27,850 करोड़ से अधिक के लेनदेन का दावा

डिजिटल अरेस्ट से ₹2.60 करोड़ की ठगी, ED ने खोला 400+ खातों वाले मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का राज

Roopa
By Roopa
6 Min Read

पणजी। गोवा में एक महिला को कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ₹2.60 करोड़ ट्रांसफर कराने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट भुशन सूर्यकांत मोये, विलास नारायण पवार और शैलेश दगडू चव्हाण शामिल हैं। ED के मुताबिक, साइबर ठगी से हासिल रकम को 400 से अधिक बैंक खातों में बांटकर आगे नकदी और विदेशी मुद्रा में बदलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पता चला है।

ED के पनाजी जोनल ऑफिस ने तीनों आरोपियों को 27 अगस्त को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। गोवा की विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 1 सितंबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। इससे पहले 23 अगस्त को फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मुईन सैयद को गिरफ्तार किया गया था।

यह मामला उत्तर गोवा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 9 जून 2025 को दर्ज FIR संख्या 17/2025 पर आधारित है। जांच के मुताबिक, पीड़िता को वीडियो कॉल पर रखा गया और उसे बताया गया कि वह किसी आपराधिक जांच के घेरे में है। कथित जालसाजों ने पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़ी कार्रवाई का डर दिखाकर उसे रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। महिला ने कुल ₹2.60 करोड़ ऐसे बैंक खातों में भेजे, जिन्हें कथित तौर पर ‘Secret Supervision Accounts’ बताया गया था।

ED की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम एक खाते में रखने के बजाय कई स्तरों पर बांटी गई। एजेंसी के मुताबिक, रकम 400 से अधिक लाभार्थी खातों में पहुंची। इसके बाद इन पैसों को ऐसे कंपनियों और बैंक खातों के जरिए आगे बढ़ाया गया, जिनके रिकॉर्ड में कम आर्थिक क्षमता वाले लोगों को निदेशक दिखाया गया था। ED का आरोप है कि वास्तविक संचालन दूसरे लोगों के हाथों में था और इस व्यवस्था का इस्तेमाल अपराध से हासिल रकम को वैध दिखाने के लिए किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, इन कंपनियों और बैंक खातों का संबंध 20 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दर्ज 330 पीड़ित शिकायतों तथा 163 FIR से सामने आया है। इन मामलों में कथित तौर पर ₹417.49 करोड़ के नुकसान की जानकारी मिली है। ED ने यह भी दावा किया कि संबंधित खातों के जरिए ₹27,850 करोड़ से अधिक के बैंकिंग लेनदेन किए गए। एजेंसी अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों, कंपनियों और खातों की भूमिका की जांच कर रही है।

Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions

जांच में साइबर ठगी की रकम को नकदी में बदलने के बाद विदेशी मुद्रा में परिवर्तित किए जाने की बात भी सामने आई है। ED के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़ी रकम को ऐसी कंपनियों के माध्यम से विदेशी मुद्रा में बदला गया, जिनके पास भारतीय रिजर्व बैंक से Full Fledged Money Changer का लाइसेंस था। एजेंसी इस प्रक्रिया के जरिए रकम के अंतिम लाभार्थियों और संभावित विदेश कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट भुशन सूर्यकांत मोये पर आरोप है कि उसने उपलब्ध कराए गए पहचान दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क के लिए 21 कंपनियां स्थापित कीं। ED के अनुसार, उसने इन कंपनियों और उनके 43 कथित डमी निदेशकों को एक समूह की तरह संभाला तथा उनके आयकर रिटर्न अलग-अलग असाइनमेंट के बजाय एक साथ दाखिल किए।

विलास नारायण पवार पर आरोप है कि उसने RTGS के जरिए साइबर ठगी की रकम को नेटवर्क के खातों तक पहुंचाने वाली बैंकिंग प्रविष्टियों की व्यवस्था की। वहीं, शैलेश दगदू चव्हाण पर आरोप है कि उसने इन ट्रांसफर के बदले नकदी उपलब्ध कराई। इस तरह बैंकिंग लेनदेन और नकदी निकासी के बीच कथित तौर पर एक व्यवस्थित चैनल तैयार किया गया था।

ED ने तीनों आरोपियों के परिसरों पर 21 अगस्त को तलाशी ली थी। एजेंसी का कहना है कि 17 जुलाई की पिछली तलाशी के बाद भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियां जारी रहीं और 23 अगस्त की पहली गिरफ्तारियों से कुछ दिन पहले तक लेनदेन होते रहे। इसी आधार पर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया गया है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि डिजिटल अरेस्ट के जरिए हासिल रकम किन-किन खातों और कंपनियों से होकर गुजरी, इसके पीछे कौन लोग थे और विदेशी मुद्रा में बदली गई रकम का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर ठगी, फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और मनी लॉन्ड्रिंग के बीच जुड़े नेटवर्क की और कड़ियां सामने आने की संभावना है।

हमसे जुड़ें

Share This Article