साइबर फ्रॉड के बाद शुरुआती 60 मिनट बेहद अहम; 1930 पर तत्काल शिकायत से रकम को आगे जाने से रोकने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जबकि चैट, कॉल और भुगतान से जुड़े डिजिटल सबूत जांच की कड़ी मजबूत कर सकते हैं

फर्जी Fertiliser Franchise और Loan Scheme से देशभर में साइबर ठगी, Telangana में Bihar के 5 आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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हैदराबाद: Telangana के Adilabad जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के पांच कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Bihar से संचालित यह गिरोह फर्जी Fertiliser Franchise और Loan Scheme के नाम पर देशभर में लोगों को निशाना बनाता था। जांच में आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 498 Cybercrime Complaints सामने आई हैं, जिनमें 90 शिकायतें Telangana से संबंधित हैं। पुलिस को गिरोह द्वारा करीब ₹3.5 करोड़ की कथित ठगी किए जाने का संदेह है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Abhishek Kumar (24), Ashutosh Kumar (33), Nishu Kumar (25), Ritesh Kumar (24) और Abinash Kumar (24) के रूप में हुई है। सभी Bihar के रहने वाले बताए गए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद Judicial Custody में भेज दिया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 Mobile Phones और ₹70,000 नकद बरामद किए। पुलिस के अनुसार, कथित ठगी से हासिल रकम में से करीब ₹8 लाख विभिन्न Bank Accounts और Stock Market Shares में लगाए गए थे। जांच एजेंसियों ने प्रक्रिया के तहत संबंधित Bank Accounts और Investments को Freeze कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने “National Fertilizers Pvt Ltd” के नाम से एक फर्जी Website तैयार की थी। इस Website के जरिए Fertiliser Franchise देने का झांसा देकर लोगों से आवेदन कराया जाता था। आवेदन के दौरान उनसे Aadhaar Card, PAN Card, Photograph और Bank Account समेत महत्वपूर्ण व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद आरोपियों द्वारा Registration, Service, Licence और Trade Transfer Fee समेत अलग-अलग मदों में किस्तों के रूप में रकम मांगी जाती थी।

गिरोह ने Online Loan की तलाश करने वाले लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी “Bajaj Loan” के नाम से एक फर्जी योजना संचालित करते थे। Loan दिलाने का भरोसा देकर आवेदकों से Personal और Financial Details ली जाती थीं। इसके बाद Processing और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई जाती और भुगतान के बाद आरोपियों का संपर्क टूट जाता था।

मामला तब सामने आया जब Bhoraj mandal के Mandagada गांव निवासी Akunuru Ganesh ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उन्होंने Fertiliser Franchise के लिए Online आवेदन किया था। इसके बाद आरोपियों ने Phone Calls, WhatsApp और Email के माध्यम से उनसे संपर्क किया और Aadhaar, PAN, Photograph समेत अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल की।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में Franchise Registration के लिए ₹50,000 मांगे। इसके बाद Licence Charges, Registration Fee और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार अतिरिक्त भुगतान करने को कहा गया। Ganesh ने Bank Accounts, UPI और NEFT के जरिए कुल ₹3,85,725 ट्रांसफर किए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उनके Calls और Messages का जवाब देना बंद कर दिया।

जांच में सामने आए शिकायतों के आंकड़े इस गिरोह के कथित नेटवर्क के व्यापक होने की ओर इशारा करते हैं। बड़ी संख्या में शिकायतें यह भी बताती हैं कि ठगों ने अलग-अलग Online Searches और फर्जी Websites के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की, जो Franchise या Loan की तलाश में थे। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे मामलों में किसी भी योजना के लिए भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक Website और संपर्क विवरण की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य Bank Accounts, Digital Devices, Websites और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। साथ ही, देश के अन्य राज्यों में दर्ज शिकायतों से गिरोह के कथित नेटवर्क और ठगी की कुल रकम का मिलान किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर ठगी से जुड़े और मामलों के सामने आने की संभावना है।

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