लखनऊ: राजधानी लखनऊ में जमीन और प्रॉपर्टी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रतापगढ़ के कुंडा निवासी व्यवसायी आरिफ खान ने कैसरबाग इलाके में संपत्ति बेचने का झांसा देकर मां-बेटे समेत छह लोगों पर ₹1.50 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर कैसरबाग कोतवाली पुलिस ने नामजद आरोपितों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात कैसरबाग निवासी रजिया खातून, उनके बेटे आमिर मुस्तफा और मो. कामिल से हुई थी। रजिया उस समय लखनऊ में थीं और बाद में मुंबई चली गईं। आरोप है कि तीनों ने व्यवसायी को बताया कि विधानसभा मार्ग पर उनकी एक संपत्ति है और वे उसे बेचना चाहते हैं। संपत्ति में व्यावसायिक कांप्लेक्स विकसित करने की योजना बताकर सौदा आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद व्यवसायी की मुलाकात कामिल के भाई गुलाम मुर्तजा, बहन शाइस्ता और सिराज कुरैशी से कराई गई। पीड़ित का कहना है कि सभी की मौजूदगी में संपत्ति का सौदा ₹1.50 करोड़ में तय हुआ और इसके लिए इकरारनामा भी कराया गया। सौदे के बाद संपत्ति को व्यवसायिक उपयोग में लाने और वहां कांप्लेक्स बनाने की योजना थी।
चार साल बाद भी नहीं हुआ बैनामा
आरिफ खान ने शिकायत में आरोप लगाया कि संपत्ति पर मालिकाना हक जताने वाले लोगों को नगर निगम में टैक्स जमा कर संपत्ति अपने नाम दर्ज कराने और इसके बाद विक्रय विलेख कराने की जिम्मेदारी थी। लेकिन करीब चार वर्ष बीतने के बाद भी न तो संपत्ति का नामांतरण कराया गया और न ही बैनामा पूरा कराया गया।
पीड़ित के अनुसार, जब उसने सौदे की स्थिति और संपत्ति के दस्तावेजों की जानकारी जुटानी शुरू की तो कथित तौर पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जांच-पड़ताल में पता चला कि जिस संपत्ति का सौदा उसके साथ किया गया था, उसमें कई अन्य साझेदार भी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि सौदा करते समय उसे इन अन्य साझेदारों और संपत्ति की वास्तविक स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
प्रतिनिधि से मारपीट का भी आरोप
शिकायत के मुताबिक करीब दो महीने पहले पीड़ित को कामिल और उसके परिवार के लोगों ने बातचीत के लिए बुलाया। व्यवसायी ने खुद जाने के बजाय अपने प्रतिनिधि तारिक को वहां भेजा। आरोप है कि बातचीत के दौरान तारिक के साथ मारपीट की गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए रजिया खातून, आमिर मुस्तफा, मो. कामिल, गुलाम मुर्तजा, शाइस्ता और सिराज कुरैशी समेत छह नामजद लोगों तथा तीन-चार अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी। आरोपों के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में संपत्ति के दस्तावेज, इकरारनामा, पैसों के लेनदेन और कथित साझेदारों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि संपत्ति पर वास्तविक स्वामित्व किसका है और ₹1.50 करोड़ के लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
