₹2,100 करोड़ के कथित पोंजी घोटाले में ED ने शिवम एसोसिएट्स के मुख्य आरोपी शिवानंद नीलन्नावर को 12 दिन की हिरासत में लिया है।

₹2,100 करोड़ के कथित पोंजी घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी शिवानंद नीलन्नावर 12 दिन की हिरासत में

Team The420
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बेलगावी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेलगावी स्थित शिवम एसोसिएट्स से जुड़े कथित पोंजी स्कीम मामले में मुख्य आरोपी शिवानंद नीलन्नावर को हिरासत में लिया है। एजेंसी ने आरोपी को शुक्रवार को बेलगावी की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने पूछताछ के लिए उसे 12 दिन की ED हिरासत में भेज दिया। आरोपी पर हजारों निवेशकों से कथित तौर पर ₹2,100 करोड़ से अधिक की रकम जुटाने और ऊंची ब्याज दरों का वादा कर भुगतान करने का आरोप है। जांच एजेंसी अब निवेशकों से जुटाई गई रकम के स्रोत, उसके इस्तेमाल और अलग-अलग कारोबारों तक पहुंची रकम की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

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आरोप है कि शिवम एसोसिएट्स ने निवेशकों को आकर्षक ब्याज और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर बड़ी मात्रा में रकम जमा कराई। हालांकि, कंपनी के पास इस तरह की निवेश योजना संचालित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या Securities and Exchange Board of India (SEBI) समेत किसी सक्षम नियामकीय संस्था की अनुमति या मंजूरी नहीं थी।

₹2,100 करोड़ की रकम और निवेशकों का भरोसा

ED ने अदालत में दलील दी कि आरोपी से पूछताछ के जरिए मामले में शामिल अन्य लोगों और निवेशकों से जुटाई गई रकम के लेनदेन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। एजेंसी का कहना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझने के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि निवेशकों से प्राप्त रकम किन खातों में गई, वहां से किन लोगों या संस्थाओं को ट्रांसफर हुई और आखिरकार उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

मामले में आरोप है कि हजारों निवेशकों से जुटाई गई रकम को कथित तौर पर अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया या ट्रांसफर किया गया। इनमें फिल्म निर्माण, रियल एस्टेट, मत्स्य कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शामिल हैं। ED इस बात की जांच कर रही है कि इन कारोबारों में निवेशकों की रकम किस तरीके से पहुंचाई गई और क्या इन लेनदेन के जरिए धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश हुई।

नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान का आरोप

बेलगावी पुलिस की शुरुआती जांच में कथित पोंजी मॉडल के संकेत मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गोवा समेत कई राज्यों के लोगों ने शिवम एसोसिएट्स में रकम निवेश की थी। निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर रिटर्न का भरोसा दिया गया था।

जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि फर्म को शेयर बाजार में भारी नुकसान हुआ, लेकिन इन नुकसानों की जानकारी निवेशकों को नहीं दी गई। आरोप है कि नए निवेशकों से आने वाली रकम का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को डिविडेंड या रिटर्न देने के लिए किया जाने लगा। इस तरह नए निवेशकों की रकम के सहारे पुराने निवेशकों का भरोसा बनाए रखने की कोशिश की गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर निवेशकों से जुटाई रकम का इस्तेमाल व्यक्तिगत ऐशो-आराम और अन्य कारोबारों में भी किया। इसमें आलीशान मकानों और महंगी कारों की खरीद तथा विदेश यात्राओं पर खर्च के आरोप शामिल हैं। फिल्म निर्माण में रकम लगाने और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में धन लगाने की भी जांच की जा रही है।

पुलिस जांच से CID और फिर ED तक पहुंचा मामला

शिवानंद नीलन्नावर को पहले बेलगावी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले की जांच राजस्व, सहकारिता और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के अधिकारियों के साथ मिलकर शुरू की थी। बाद में जांच Crime Investigation Department (CID) को सौंप दी गई।

निवेशकों की रकम के कथित अवैध हस्तांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संदेह के बाद ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जांच शुरू की। कुछ दिन पहले मंगलुरु से ED की टीम ने आरोपी से जुड़े घरों और कार्यालयों में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई भी की थी। इस दौरान वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।

ED खंगालेगी पूरी मनी ट्रेल

अब ED की पूछताछ का मुख्य फोकस निवेशकों से जुटाई गई रकम के पूरे मनी ट्रेल पर है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ₹2,100 करोड़ से अधिक की कथित रकम में से कितनी राशि निवेश के नाम पर जुटाई गई, कितनी रकम पुराने निवेशकों को लौटाई गई और कितनी राशि अन्य कारोबारों या निजी संपत्तियों में पहुंची।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि शिवम एसोसिएट्स के संचालन में आरोपी के अलावा कौन-कौन लोग शामिल थे और रकम को अलग-अलग संस्थाओं या कारोबारों में भेजने के लिए किन बैंक खातों और वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

ED की जांच आगे बढ़ने के साथ कथित पोंजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, कंपनियों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आने की संभावना है। फिलहाल अदालत के आदेश के तहत आरोपी 12 दिन की ED हिरासत में है और एजेंसी उससे कथित निवेश धोखाधड़ी तथा धन के प्रवाह से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

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